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लापरवाही की ये 4 तस्वीरें न होतीं तो एमसीडी पार्क में 9 साल के बच्चे की मौत न होती, समझिए कहां और किससे हुई लापरवाही?

24 मई को कालकाजी में डी.डी.ए. एल.आई.जी. फ्लैट्स, एमसीडी पार्क में करंट लगने से  9 साल के बच्चे की मौत में कई खुलासे हुए। जांच में पाया गया कि पार्क में बीएसईएस का खुला और असुरक्षित 3-फेज बिजली फीडर पिलर होने के कारण हुआ। घटना के बाद पुलिस ने इसे सील कर दिया है। बीआरपीएल ने पार्क की बिजली आपूर्ति काट दी है। 26 मई 2025 को, दिल्ली सरकार के श्रम विभाग, दिल्ली पुलिस, बीआरपीएल, दिल्ली नगर निगम एवं ईईएसएल ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया और पाया कि घटना के बाद बीआरपीएल ने स्ट्रीट लाइट पोल्स (खम्भों) की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। संयुक्त निरीक्षण के दौरान, बीआरपीएल द्वारा पार्क लाइट सर्किट की विद्युत आपूर्ति फिर चालू की गई और पाया गया कि किसी भी पार्क लाइट पोल में करंट लीकेज नहीं था। पार्क लाइट पोल को छूने से करंट लगने की संभावना नहीं पाई गई। करंट लीकेज नहीं पाया गया।

दिनांक 26 मई 2025 को, दिल्ली सरकार के श्रम विभाग, दिल्ली पुलिस, बीआरपीएल, दिल्ली नगर निगम एवं ईईएसएल द्वारा घटनास्थल का संयुक्त निरीक्षण किया गया। यह उल्लेखनीय है कि घटना के उपरांत बीआरपीएल द्वारा स्ट्रीट लाइट पोल्स (खम्भों) की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। संयुक्त निरीक्षण के दौरान, बीआरपीएल द्वारा पार्क लाइट सर्किट की विद्युत आपूर्ति पुनः चालू की गई और यह पाया गया कि किसी भी पार्क लाइट पोल में करंट लीकेज नहीं था। अतः पार्क लाइट पोल को छूने से करंट लगने की संभावना नहीं पाई गई। करंट लीकेज नहीं पाया गया।

जांच टीम ने क्या पाया–

1. फीडर पिलर की स्थिति (BRPL)

बीआरपीएल का तीन-फेज फीडर पिलर खुला और जर्जर अवस्था में पाया गया। (फोटो 1 देखें)। बसबार और अन्य आंतरिक विद्युत घटक खुले थे और उनमें इन्सुलेशन या किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं थी।फीडर बॉक्स की खुली खिड़की के कारण यह आम जनता, विशेषकर पार्क में खेलने वाले बच्चों के लिए आसानी से सुलभ था। यह स्थिति सार्वजनिक स्थल में करंट लगने का प्रत्यक्ष खतरा उत्पन्न करती है।फीडर पिलर को किसी प्रकार की बैरिकेडिंग या संलग्न ढांचे से सुरक्षित नहीं किया गया था।

2. भूमिगत केबल स्थापना (BRPL):बीआरपीएल द्वारा फीडर पिलर तक भूमिगत केबल डाली गई है।सड़क कटिंग आदि के निर्माण मलबे को लापरवाही से इन केबलों के ऊपर डंप कर दिया गया था। केबलों को ठीक से कवर या सुरक्षित न किए जाने के कारण उनके क्षतिग्रस्त होने और करंट लगने का अत्यधिक खतरा बढ़ गया था।

3. खुली और कटी हुई बीआरपीएल केबल:

फीडर पिलर के पास एक स्पष्ट रूप से कटी और खुली हुई बीआरपीएल केबल पाई गई। यह केबल बिना इन्सुलेशन के, न तो जमीन में दबी थी और न ही बैरिकेड की गई थी, जिससे यह सार्वजनिक स्थल में अत्यंत खतरनाक स्थिति थी।

4. अर्थिंग और जीआई पोल (MCD):पास में एक जीआई पोल स्थापित है, जिसका रखरखाव एमसीडी/इलेक्ट्रिकल विभाग द्वारा किया जाता है।निरीक्षण में पाया गया कि अर्थिंग पिट स्पष्ट रूप से दिख रही थी और जीआई अर्थिंग वायर पोल से सुरक्षित रूप से जुड़ी हुई थी।इससे यह स्पष्ट होता है कि एमसीडी द्वारा पोल की स्थापना और रखरखाव के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।

निरीक्षण के दौरान पाई गई लापरवाहियाँ

1. फीडर पिलर की सुरक्षा में विफलता:

•    फीडर पिलर खुली स्थिति में पाया गया, जिसमें विद्युत घटक खुले पड़े थे।

•    कोई ताला, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा उपाय नहीं लगाए गए थे

2. केबल प्रबंधन में लापरवाही:

•    भूमिगत केबलों को ठीक से कवर नहीं किया गया था और उनके ऊपर मलबा डंप किया गया था।

•    एक कटी और खुली हुई केबल फीडर पिलर के पास बिना किसी सुरक्षा उपाय के पड़ी थी, जिससे करंट लगने का सीधा खतरा था।

3. सार्वजनिक स्थल पर असुरक्षित बीआरपीएल फीडर पिलर:

•   पार्क जैसे सार्वजनिक स्थल होने के बावजूद बीआरपीएल फीडर पिलर को बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं बनाया गया था (चाइल्ड अन्सेफ़ )।

•    कोई बैरिकेडिंग, बाड़ या फिजिकल बैरियर नहीं लगाया गया जिससे कोई व्यक्ति या बच्चा गलती से इसके संपर्क में ना आ सके।

ईईएसएल, एमसीडी (पूर्व में एसडीएमसी), ईईएसएल और बीआरपीएल के बीच 12/11/2016 को हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौते (जो 30/06/2025 तक वैध है) के अनुसार, पार्क लाइट्स/हाई मास्ट लाइट्स/सेमी हाई मास्ट लाइट्स के रख-रखाव की नामित एजेंसी है। समझौते की धारा 4.7.1 के अनुसार: “सेमी हाई मास्ट लाइट्स, हाई मास्ट लाइट्स और पार्क लाइट्स के लिए, ईईएसएल संबंधित डिस्कॉम फीडिंग पॉइंट से लेकर लाइट पॉइंट तक की पूरी विद्युत व्यवस्था के कार्यात्मक संचालन एवं सुरक्षा का समग्र रूप से रखरखाव करेगा।”

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