दिल्ली नगर निगम शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी ने EduLife पोर्टल में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को लेकर महापौर, आयुक्त और निदेशक (Vigilance) को एक पत्र भेजा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच की मांग की है।

ऑडिट रिपोर्ट 2023–2024 के अनुसार, EduLife पोर्टल एक निजी संस्था Mithhoo Enterprises द्वारा संचालित किया जा रहा है, वह भी बिना किसी वैधानिक स्वीकृति या आदेश के। इस पोर्टल पर शिक्षकों और कर्मचारियों का आधार, बैंक विवरण, पहचान दस्तावेज़ जैसे संवेदनशील डेटा निजी सर्वर पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे डेटा लीक और दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।
खरखड़ी ने यह भी बताया कि EduLife की कई सुविधाएँ दिल्ली सरकार के EDUDEL पोर्टल की हूबहू प्रतिलिपि हैं, जो पिछले 15 वर्षों से सुरक्षित रूप से संचालित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब EDUDEL पहले से मौजूद है, तो निजी पोर्टल को क्यों बढ़ावा दिया गया?
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले में विजिलेंस शाखा की निगरानी में जांच समिति गठित की जाए, और 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही, EduLife पर मौजूद सभी डेटा को शिक्षा विभाग की कस्टडी में लेकर निजी सर्वर से हटाया जाए।
खरखड़ी ने कहा कि “नगर निगम के शिक्षा विभाग से जुड़े सभी डिजिटल संसाधन केवल निगम के स्वामित्व वाले सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म पर ही चलने चाहिए। पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा सुरक्षा हमारी सर्वोच्चप्राथमिकताएँ हैं।”

