DelhiCivicAlerts
Delhi Alerts

मेट्रो फेस 4 की गहरी सुरंग बनकर तैयार, आई पहली तस्वीर

डीएमआरसी ने भूमिगत इग्नू मेट्रो स्टेशन साइट पर सुरंग बनाने में सफलता हासिल की फेज़-IV के सबसे गहरे हिस्से पर सुरंग निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है। इसकी तस्वीर आ गई है


दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने आज एरियोसिटी तुगलकाबाद कॉरिडोर (गोल्डन लाइन) के इग्नू स्टेशन साइट पर टनल ब्रेकथ्रू के साथ फेज़-IV के सबसे गहरे भूमिगत हिस्से पर सुरंग बनाने का काम पूरा कर लिया।

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि आज का यह ऐतिहासिक अवसर न केवल दिल्ली मेट्रो के लिए बल्कि पूरे दिल्लीवासियों के लिए गर्व का क्षण है। हमें यह बताते हुए बेहद ख़ुशी है कि इग्नू स्टेशन के टनल ब्रेकथ्रू के साथ, दिल्ली मेट्रो फेज-4 के सबसे गहरे भूमिगत मार्ग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। दिल्ली मेट्रो की यह उपलब्धि राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक कुशल, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुरंग न केवल दिल्लीवासियों की यात्रा को सरल बनाएगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम करने में भी सहायक होगी।


सरकार इस परियोजना से जुड़े सभी इंजीनियरों, श्रमिकों, मेट्रो अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को धन्यवाद देती है , आज दिल्ली मेट्रो दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की लाइफलाइन बन चुकी है।उन्हीने आगे कहा कि दिल्ली मेट्रो की सौगात देने का कार्य परम् पूज्य अटल बिहारी वाजपेयी जी और पूज्य मदन लाल खुराना जी के कार्यकाल में किया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोदी जी के नेतृत्व में जिस तरह देश का इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है—चाहे वह एक्सप्रेसवे हो, मेट्रो हो या रैपिड ट्रांसपोर्ट—यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। देश प्रगति कर रहा है, और दिल्ली भी उसी गति से आगे बढ़ रही है।

टनल ब्रेकथ्रू के बारे में अधिक जानकारी देते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि टनल ब्रेकथ्रू विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में भूमिगत सुरंग निर्माण कार्य के लिए उपयोगी हैं। दिल्ली मेट्रो की सबसे गहरी सुरंगो में से एक यह नया टनल 27 मीटर की औसत गहराई पर बनाया गया है। साथ ही निर्माण के दौरान भूगर्भीय चुनौतियों के बावजूद टनल बोरिंग मशीन का उपयोग अत्याधुनिक तकनीक के साथ किया गया है, जिससे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में सुगम निर्माण संभव हो पाया।

दिल्ली मेट्रो फेज-4 के निर्माण कार्य के तहत कुल 40.10 किमी भूमिगत लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर में 19.34 किमी का भूमिगत सेक्शन होगा। दिल्ली मेट्रो का यह नया विस्तार लाखों यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और कुशल बनाएगा। साथ ही इससे दिल्लीवासियों के लिए समय और संसाधनों की बचत और सड़क यातायात पर दबाव कम होगा, जिससे दिल्ली में वायु प्रदूषण भी घटेगा। सरकार और डीएमआरसी ने यह सुनिश्चित किया है कि इस परियोजना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो, ताकि यात्री जल्द ही इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। दिल्ली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और वैश्विक शहर बनाने का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। सरकार स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी उन्नति को प्राथमिकता देकर “विकसित दिल्ली” के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है। मेट्रो विस्तार से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, जिससे दिल्लीवासियों का जीवन सरल और सुगम बनेगा। सरकार पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गोल्डन लाइन दिल्ली के परिवहन बुनियादी ढांचे को और मजबूत करते हुए, राजधानी दिल्ली के यात्रा को अधिक सुगम और प्रभावी बनाएगी। यह परियोजना दिल्लीवासियों के लिए एक मील का पत्थर है जिससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या में भी कमी आएगी साथ ही साथ दक्षिणी दिल्ली को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीधे जोड़ेग और दिल्ली के प्रसिद्ध अस्पतालों और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से बेहतर कनेक्टिविटी होगी।

Related posts

Virendra Sachdeva: Kejriwal, Bharadwaj Must Answer for 100 Lives Lost

delhicivicalerts

एमसीडी बजट 2026-27: पार्षदों के भत्ते में बढ़ोतरी, आईवीपी के प्रस्तावों को मिली जगह

delhicivicalerts

100 वर्ष पहले 24 अगस्त 1925 को ब्रिटिश शासनकाल में भारतीय मूल के विट्ठल भाई जावेरभाई पटेल केंद्रीय विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए: सीएम रेखा गुप्ता

delhicivicalerts

Leave a Comment