दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट ज़िला फॉरेनर सेल ने अवैध प्रवास और मानव तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आदर्श नगर थाना क्षेत्र से तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि उनके पास प्रतिबंधित IMO ऐप से लैस स्मार्टफोन और बांग्लादेशी पहचान दस्तावेज़ मौजूद थे। बाद में इन्हें एफआरआरओ के समक्ष प्रस्तुत कर निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की गई। यह कार्रवाई न केवल अवैध प्रवास पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि मानव तस्करी और सॉलिसिटेशन रैकेट्स पर भी सख्त संदेश देती है। दिल्ली पुलिस ने दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
25 फरवरी 2026 की सुबह फॉरेनर सेल ने एक विशेष अभियान चलाकर तीन व्यक्तियों को आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा। ये लोग बिना वैध यात्रा या पहचान दस्तावेज़ों के भारत में रह रहे थे।
पिछले कुछ दिनों से पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर निगरानी कर रही थी। इसी दौरान यह जानकारी मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति अवैध रूप से भारत में रहकर एक सॉलिसिटेशन रैकेट का हिस्सा बने हुए हैं।
इसी आधार पर इंस्पेक्टर विपिन कुमार (आई/सी फॉरेनर सेल) और एसीपी राजीव कुमार के नेतृत्व में एसआई श्यामबीर, एएसआई विजय, एचसी विक्रम, महिला एचसी दीपक, महिला एचसी पूनम, महिला कॉन्स्टेबल मंजू, कॉन्स्टेबल हवा सिंह और कॉन्स्टेबल दीपक बांगड़ की टीम गठित की गई। टीम ने गुप्त सूचना पर प्री-डॉन रेड की और अंडरकवर ऑपरेशन के बाद तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने खुद को भारतीय नागरिक बताया, लेकिन दस्तावेज़ों की जांच और डिजिटल फुटप्रिंट्स के विश्लेषण से यह साबित हुआ कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं।
गिरफ्तार व्यक्तियों का विवरण:
- रोज़िना @ चामेली (32 वर्ष), जिला शरियातपुर, ढाका, बांग्लादेश
- लैला खानम (20 वर्ष), जिला नारैल, खुलना, बांग्लादेश
- मरूफा खातून (27 वर्ष), जिला नारैल, खुलना, बांग्लादेश
बरामदगी:
- 03 स्मार्टफोन, जिनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल था
- 10 बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान दस्तावेज़
पुलिस ने आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और गिरफ्तार व्यक्तियों को एफआरआरओ के समक्ष प्रस्तुत कर निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की।
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