दिल्ली से राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और उसके जन-स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को बताया
सांसद मालीवाल ने दिल्ली के वायु प्रदूषण को गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल बताया। उन्होंने हर सर्दियों में खतरनाक स्तर तक पहुँचने वाले AQI, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की कार्यप्रणाली में कमियों, अपर्याप्त सार्वजनिक परिवहन के कारण बढ़ते वाहनों से होने वाले प्रदूषण, सड़क व निर्माण धूल, एनसीआर के आसपास स्थित थर्मल पावर प्लांट्स से होने वाले उत्सर्जन तथा स्वच्छ वायु के लिए आवंटित धन के कम उपयोग जैसे मुद्दों को उठाया।
सांसद स्वाति मालीवाल ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा से जुड़े हालिया सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर भी चिंता जताई। सांसद मालिवाल ने कहा कि पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण पहाड़ियों व रिज क्षेत्रों की सुरक्षा कमजोर होने से दिल्ली में धूल प्रदूषण, हीट स्ट्रेस और जल संकट और गंभीर हो सकता है। सांसद मालीवाल ने मंत्रालय से CAQM को अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाने, पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने, सार्वजनिक परिवहन का विस्तार करने, धूल नियंत्रण के नियमों को सख्ती से लागू करने, अरावली आदेश के पर्यावरणीय प्रभाव की समीक्षा करने तथा स्वच्छ वायु के लिए आवंटित धन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
सांसद स्वाति मालीवाल ने मुलाकात की जानकारी देते हुए सोशल मिडीया X हैंडल पर लिखा “आज संसद में माननीय केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या को लेकर अपने सुझाव और चिंताएँ साझा कीं।”
उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली एक public health emergency से गुज़र रहा है और यहाँ सांस लेना मानो दिन के सिगरेट्स पीने के बराबर है


