दिल्ली के सिविक सेंटर के पीछे रामलीला मैदान के पास जून की नमाज पढ़ी गई। भारी सुरक्षा के बीच न केवल फैज ए इलाही मस्जिद बल्कि बड़ी मस्जिद में भी नमाज पढ़ी गई।

दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम सदन में AAP के पार्षदों का जोरदार हंगामा हुआ। आरोप है कि भाजपा द्वारा सिख गुरुओं के अपमान किए गए। इसी
अपमान को लेकर दिल्ली MCD में AAP का हल्ला बोल हुआ।
आ आदमी के पार्षद
मंत्री कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग की। इसबाबत सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया।
अपनी गंदी राजनीति के लिए भाजपा के मंत्रियों ने किया सिख गुरुओं का अपमान
इसके विरोध में आम आदमी पार्टी के पार्षदों में MCD में भी विरोध दर्ज करवाया

दिल्ली भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज राष्ट्रीय महामंत्री तरूण चुघ के नेतृत्व में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी मार्लेना द्वारा सिख गुरू तेगबहादुर साहिब के अपमान के विरोध में आम आदमी पार्टी कार्यालय पर विशाल रोष प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में दिल्ली भाजपा के सिख प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में सम्मिलित हुए।
भाजपा कार्यकर्ता विंडसर प्लेस पर एकत्र हुए और वहां से आतिशी मार्लेना के इस्तीफे और अरविंद केजरीवाल एवं सरदार भगवंत मान से माफी मांगने के नारे लगाते मार्च करते हुए आम आदमी पार्टी कार्यालय की ओर बढ़े पर कार्यालय से कुछ पहले फिरोजशाह रोड़ – माधवराव सिंधिया मार्ग रेड लाइट के समीप भारी बैरिकेड्स लगा कर दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक भाजपा कार्यकर्ताओं को रोका, उनकी डिटेनशन की घोषणा की और फिर कुछ देर बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया।
दिल्ली भाजपा के महामंत्री सांसद कमलजीत सहरावत, सांसद योगेन्द्र चांदोलिया एवं महामंत्री विष्णु मित्तल, विधायक सरदार अरविंदर सिंह लवली एवं कैलाश गहलोत की उपस्थिती में हुआ।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा कि अतीशी का दिल्ली विधानसभा में आचरण और बयान सिख गुरुओं और सिख मर्यादाओं के प्रति गहरे अनादर को दर्शाता है, जो संवैधानिक गरिमा के भी विरुद्ध है। अरविंद केजरीवाल के इशारे पर एक तरफ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पंजाब में दिए गए बयान बार-बार यह साबित करते हैं कि आम आदमी पार्टी की सिख आस्था के प्रति सोच संवेदनशील नहीं, बल्कि द्वेषपूर्ण रही है। संवैधानिक मंचों पर सिख धार्मिक प्रतीकों और परम्पराओं का इस तरह अपमान केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सिख समाज की भावनाओं को जानबूझकर आहत करने का गंभीर प्रयास है।
चुग ने कहा कि श्री गुरु तेगबहादुर साहिब जी की 350वीं जयंती जैसे पावन अवसर पर ऐसा आचरण आम आदमी पार्टी की वैचारिक संकीर्णता और सिख-विरोधी मानसिकता को पूरी तरह उजागर करता है। आम आदमी पार्टी अब सिख आस्थाओं के अपमान का पर्याय बन चुकी है। सरदार भगवंत मान और अतीशी मार्लेना को सिख समुदाय से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि यह अपमान सिख समाज कभी नहीं भूलेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आर पी सिंह ने कहा कि विधानसभा में अतिशी मार्लेना ने जिन शब्दों का प्रयोग हमारे सिखों के गुरु के लिए किया है, वह ना सिर्फ निंदनीय है बल्कि अतिशी के मन में सिखो के लिए क्या सम्मान है, उसका उदहारण है और जब तक अतिशी माफी नहीं मांग लेती हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में गुरु तेगबहादुर के कार्यक्रम को लेकर चर्चा हो रही थी लेकिन उसी बीच नेता प्रतिपक्ष सुश्री आतिशी मार्लेना ने शब्दों का इस्तेमाल किया, उससे सिख समुदाय को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जो हिंद की चादर कहलाते हैं, जिन्होंने समाज, धर्म की रक्षा के लिए खुद को बलिदान किया, ऐसे महापुरुष के लिए आतिशी द्वारा ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना उनकी मानसिकता को बताता है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
सांसद योगेन्द्र चंदोलिया ने कहा कि दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान मैडम आतिशी ने गुरु तेगबहादुर जी का अपमान किया है और वह अपनी अमर्यादित भाषा के लिए सिख समुदाय से माफी मांगे या अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार दिल्ली में गुरु तेगबहादुर जी का 350वीं शहीदी दिवस मना रही है और दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के विधायक उनका अपमान कर रहे हैं।
दिल्ली भाजपा के महामंत्री विष्णु मित्तल ने कहा कि मुगल शासक औरंगज़ेब के अत्याचारों के विरुद्ध गुरु तेग बहादुर जी ने डटकर खड़े होकर कश्मीरी पंडितों सहित सभी धर्मों के लोगों की आस्था की रक्षा की। ऐसे महापुरुष के प्रति किसी भी प्रकार की असंवेदनशील टिप्पणी न केवल अज्ञानता का परिचायक है, बल्कि यह देश की आत्मा पर चोट है।
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि देश की जनता, विशेषकर सिख समाज, अब आम आदमी पार्टी की इस प्रकार की राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने मांग की कि आतिशी अपने बयान पर तत्काल बिना किसी शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना और समाज को आहत करने वाली बयानबाज़ी न की जाए।
सिख सेल के संयोजक सरदार चरणजीत सिंह ने विधानसभा में दिए गए आतिशी के बयान को न केवल ऐतिहासिक तथ्यों से परे और दुर्भाग्यपूर्ण बताया, बल्कि सिख समाज की धार्मिक भावनाओं और देश की साझा सांस्कृतिक विरासत का खुला अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि आतिशी का यह बयान उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक महापुरुषों और ऐतिहासिक प्रतीकों को विवादों में घसीटने का प्रयास किया जाता है लेकिन दिल्ली ही नहीं देश का सिख कौम इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

