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भलस्वा लैंडफिल साइट पर बायो-माइनिंग अभियान;क्या 2026 तक खत्म हो सकेगा कूड़े का पहाड़?

दिल्ली नगर निगम (MCD) के नेता सदन प्रवेश वाही ने आज भलस्वा लैंडफिल साइट का निरीक्षण कर वहां चल रहे बायो-माइनिंग कार्य की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य अभियंता के.के. शर्मा, क्षेत्रीय उपायुक्त के.सी. सुरेंद्र और निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बायो-माइनिंग कार्य की समीक्षा और ड्रोन सर्वे का निर्देश

निरीक्षण के दौरान वाही ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की प्रगति की हर महीने ड्रोन सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इससे मासिक समीक्षा संभव होगी और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सकेगा।

तेज़ी से बढ़ती क्षमता: 15,000 टन प्रतिदिन

भलस्वा साइट पर बायो-माइनिंग की दैनिक क्षमता अब 15,000 टन प्रतिदिन (TPD) तक पहुँच चुकी है। सभी मशीनें सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं और धूल व दुर्गंध को नियंत्रित करने के लिए नियमित छिड़काव किया जा रहा है।

  • मात्र तीन महीने में लगभग 4.5 एकड़ भूमि खाली कराई जा चुकी है।
  • इससे कूड़े के पहाड़ को समाप्त करने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है।

दिसंबर 2026 तक लक्ष्य

वाही ने स्पष्ट किया कि दिल्ली नगर निगम भलस्वा लैंडफिल साइट को दिसंबर 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा होगा।

दिल्ली के अन्य लैंडफिल स्थलों पर भी प्रगति

उन्होंने बताया कि दिल्ली के सभी लीगेसी लैंडफिल स्थलों – भलस्वा, ओखला और ग़ाज़ीपुर – पर बायो-माइनिंग कार्य अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है।

  • अब तक 39 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरे का वैज्ञानिक निपटान किया जा चुका है।
  • दिल्ली में बायो-माइनिंग की कुल दैनिक क्षमता बढ़कर 30,000 टन प्रतिदिन तक पहुँच गई है।

यह आँकड़े दर्शाते हैं कि वर्षों पुराने कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में है।

पर्यावरणीय मानकों पर सख़्त निगरानी

निरीक्षण के दौरान वाही ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बायो-माइनिंग कार्य के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों का सख़्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

  • धूल, दुर्गंध और लीचेट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  • आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
  • कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों, मशीनों के रख-रखाव और श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

स्वच्छ दिल्ली की ओर कदम

वाही ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली नगर निगम की सतत और प्रभावी पहल से राजधानी को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने का लक्ष्य शीघ्र ही प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास दिल्लीवासियों को स्वच्छ एवं बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

मुख्य बिंदु

  • भलस्वा साइट पर बायो-माइनिंग क्षमता 15,000 TPD तक पहुँची।
  • तीन महीने में 4.5 एकड़ भूमि खाली कराई गई।
  • दिसंबर 2026 तक भलस्वा लैंडफिल समाप्त करने का लक्ष्य।
  • दिल्ली में कुल बायो-माइनिंग क्षमता 30,000 TPD।
  • अब तक 39 लाख मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक निपटान।

—ख़बर यहीं तक

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