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डराने लगा मौसम तो इन बीमारियों का बढ़ा खतरा, आप कितने तैयार

कोरोना का टीका है लेकिन मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू का टीका नहीं है मौसम में गर्मी और ठंड ऐसी बीमारियों को बढ़ावा दे इससे पहले दिल्ली नगर निगम के आयुक्त अश्वनी कुमार ने चेताया और दिल्ली में स्थित संस्थानों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने को कहा । यही वो मुफीद वक्त भी है जब लार्वा और एडिस मच्छर का प्रजनन स्रोत पर ही खत्म हो जाना चाहिए। वहीं

सप्ताह में एक दिन पानी जमा होने वाली वस्तुओं को साफ और सुखाने के लिए भी कमिश्नर ने अपील की है।

दिल्ली नगर निगम के आयुक्त अश्वनी कुमार ने कार्यालयों, संस्थानों और कार्य स्थलों पर मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए निगम के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों का कोई उपचार और टीका नहीं है इसलिए डेंगू, मलेरिया तथा चिकनगुनिया से बचाव और नियंत्रण के लिए स्रोत पर एडिस मच्छरों का प्रजनन समाप्त करना एक मात्र उपाय है।

   अश्वनी कुमार ने निगम द्वारा जारी परामर्शों में मच्छरजनित बीमारियों के बचाव और नियंत्रण के कदमों पर कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने सभी सरकारी/स्वायत्त कार्यालयों/शिक्षा संस्थानों /व्यावसायिक केंद्रों /व्यापार संघों/आर.डब्ल्यू.ए के प्रमुखों को एक परामर्श जारी कर पहले से अधिसूचित कदमों पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा। निगमायुक्त श्री अश्वनी कुमार ने व्यापार संघों और आर.डब्ल्यू.ए और पदाधिकारियों और कार्यालयों के प्रशासनिक प्रमुखों से यह सुनिश्चित करने का कहा है कि ओवर हैड और अन्य टंकियों को ढक कर रखा जाए, कूलर की पानी की टंकियों पर फिर पेंट किया जाए और पैड बदला जाए, कूलरों को सप्ताह में एक बार साफ कर सूखने दिया जाए, जिन कूलरों को खाली नहीं किया जा सकता उनमें एक चम्मच पेट्रोल या मिट्टी का तेल डाला जाए, आसपास पानी जमा न होने दें और बर्तनों, बोतलो, गमलो और टायरों आदि में भी पानी जमा न होने दें तथा डी.बी.सी. कर्मचारियों को छत्त के ऊपर रखी टंकी की जांच करने के लिए ऊपर जाने दें।

  निगमायुक्त ने सभी संस्थानों के प्रमुखों को अपने संस्थान में मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा है जोकि निगम के जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर मच्छरों की रोकथाम के लिए मिलकर कार्य करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग जनता को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और नियंत्रण के लिए मदद देने के लिए अथक प्रयास कर रहा हैै और जिस संस्थान के परिसर में मच्छरों का प्रजनन मिलेगा वहां के अधिकारी और जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम (मलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोग) उप नियम 1975 के अनुसार मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियों को बढ़ावा देना उचित नहीं है और मच्छरों के प्रजनन के बचाव के कदम नहीं उठाना एक दंडनीय अपराध है। बार बार मच्छरों का प्रजनन पाये जाने पर कानूनी नोटिस, चालान के अलावा पुलिस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 271 के अंतर्गत शिकायत की जा सकती है।

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