DelhiCivicAlerts
Delhi politics

मुख्यमंत्री ने कांवड़ लाने वाली महिलाओं पर बरसाए फूल, लगाया तिलक, सिर्फ 72 घंटे में मिली परमिशन

दिल्ली के शास्त्री पार्क में श्याम गिरी बाबा मंदिर कांवड़ कैम्प में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांवड़ियों का स्वागत किया और
कांवड़ियों पर फूल बरसाए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा: कांवड़ यात्रा जनआस्था का महायज्ञ
शिवभक्तों की सेवा हमारा संकल्प, जिम्मेदारी भी और सौभाग्य भी।

श्रद्धा, समर्पण और सेवा की मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस आयोजन की आयोजक नहीं, बल्कि सेवक है। शिवभक्तों की सेवा करना न केवल सरकार की जिम्मेदारी है, बल्कि सौभाग्य भी है।
रेखा गुप्ता ने कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा के अलावा कांवड़ मार्ग का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था का मुआयना किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत उत्सव है। दिल्ली सरकार ने इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। इस बार सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी कांवड़ समिति को आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

आयोजन से जुड़ी तमाम जरूरतों—जैसे परमिशन, बिजली, पानी, शौचालय, सफाई और सुरक्षा—का समाधान सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से किया गया। मुख्यमंत्री ने तमाम सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों, कांवड़ यात्रा के तैयारियों को देखने वाले समितियों और अधिकारियों के कार्यशैली और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार की पूरी टीम रात दिन लगकर इस पवित्र कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री ने इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि इस साल सभी कांवड़ समितियों को पहले ही चरण में Direct Benefit Transfer (DBT लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे रकम भेजना) के जरिए अग्रिम भुगतान उपलब्ध करा दिया गया, जिससे व्यवस्थाएं पहले से ही सुचारू रूप से लागू की जा सकें।

दिल्ली सरकार ने बिजली, सफाई, शौचालय, पानी टैंकर और प्रकाश की संपूर्ण व्यवस्था सीधे अपने माध्यम से कराई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 72 घंटे के भीतर अनुमति की प्रक्रिया पूरी कर एक नया मानक स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “भोलेनाथ के किसी भी भक्त को कांटा भी न चुभे” — इसी भावना के साथ दिल्ली सरकार ने पूरे आयोजन को सेवा, समर्पण और सजगता के साथ निभाया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस बार सरकार की भूमिका किसी भी औपचारिक आयोजनकर्ता की नहीं रही, बल्कि हर स्तर पर स्वयंसेवक की रही है। कांवड़ियों के स्वागत के लिए दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक संगठनों के सहयोग से पंडाल, विश्राम स्थल, स्वास्थ्य सेवाएं और जलपान की व्यवस्थाएं कराई गईं, जो आस्था और सेवा का सुंदर समन्वय हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को आगामी शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा की हार्दिक मंगलकामनाएं दीं और आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार आने वाले समय में भी जनआस्था, परंपरा और जनसेवा के प्रत्येक क्षेत्र में समर्पण भाव से कार्य करती रहेगी।

Related posts

नॉर्वे की रेवैक से मिला आइडिया (Idea) अब दिल्ली के होलंबी कलां में कचरे से पैदा होगा 350 करोड़ रूपया

delhicivicalerts

Fire in the Shahbad Dairy evoked strong protest from the Congress, is there any conspiracy in the fire that destroyed the slums?– Devendra Yadav

delhicivicalerts

पानी की कमी से दिल्ली को बचाएगा जल प्रबंधन का मास्टर प्लान, जल मंत्री ने की तैयारी

delhicivicalerts

Leave a Comment