कोरोना काल के दौरान दिल्ली सरकार के डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मियों, शिक्षकों और दूसरे Frontline workers (अग्रिरम पंक्ति) के कर्मचारियों ने अपनी जान गंवा दी। तभी तो हम सभी के पास महामारी के वक्त भी स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवश्यक सेवाएं बिना रुके पहुंची।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया ऐसे कर्मवीरों का योगदान दिल्ली के इतिहास के सबसे निःस्वार्थ और प्रेरणादायी अध्यायों में दर्ज किया जाएगा। साल 2020–2021 में कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की लंबित अनुग्रह राशि (Ex-Gratia Payments) को स्वीकृत कर जारी होगी। 10 कर्मचारियों की असाधारण सेवाओं की मान्यता के रूप ये अनुग्रह राशि (Ex-Gratia Payments) दी जाएगी।
कोविड ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हर कर्मचारी के परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी। दावा है कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की समिति लगातार निगरानी कर रही है जिसमें कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा, डॉ. पंकज कुमार सिंह शामिल हैं। जीओएम के साथ रिलीफ ब्रांच के दो वरिष्ठ अधिकारी डिविजन कमिश्नर नीरज सेमवाल और डीएम अमोल श्रीवास्तव शामिल हैं। दावा ये भी है कि आने वाले दिनों में अनुग्रह राशि पाने वाले कर्मियों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अनुग्रह राशि को लगभग पांच वर्षों तक प्रक्रियागत अड़चनों और अन्य कारणों से रोका गया। हमारी सरकार उन सभी कर्मचारियों को यह अनुग्रह राशि प्रदान करेगी, जिनका जीवन कोरोना महामारी की भेंट चढ़ गया। हालांकि ये साफ नहीं है कि जान गंवाने वाले सभी शहीदों या फिर फ्रंटलाइन शहीदों को ही ये राशि मिलेगी। AI से मिली जानकारी कहती है कि केजरीवाल सरकार में करीब 90 लोगों को ये राशि मिल चुकी है और अप्रैल 2020 में इस नीति का ऐलान किया गया।

