सफदरजंग एनक्लेव में निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट की दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत और चार के घायल होने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) अब जागा है और साउथ दिल्ली की सभी अंडर कंस्ट्रक्शन इमारतों का सर्वे कराएगा।
MCD का ऐक्शन मोड
हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन की सभी निर्माणाधीन इमारतों का सर्वे शुरू कर दिया है। मकसद है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। ज़ोन के एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि जिस प्लॉट पर निर्माण हो रहा था, उसका टोटल एरिया 220 वर्गमीटर से अधिक है। पुराने मकान को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाई जा रही थी। सेंक्शन प्लान में केवल माइनस वन बेसमेंट की अनुमति थी, लेकिन मौके पर करीब 20 फीट गहरी खुदाई की गई थी।
कब हुआ था हादसा?
गुरुवार शाम करीब 6:15 बजे सफदरजंग एनक्लेव के बी-5 ब्लॉक में निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई के दौरान दीवार तब गिर गई जब मजदूर लोहे के सरिये बांधने का काम कर रहे थे। अचानक निकाली गई मिट्टी का बड़ा हिस्सा मजदूरों पर आ गिरा, जिससे चार लोग मलबे में दब गए। पुलिस, दमकल और आपदा राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। एक 60 साल के शख्स की मौत हो गई जबकि चार घायल हुए।
नोटिस जारी
MCD ने हादसे के बाद बिल्डिंग मालिक, आर्किटेक्ट और स्ट्रक्चरल इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सवाल उठाया गया है कि बिना अनुमति इतनी गहरी खुदाई क्यों की गई? यह जांच अब पूरे साउथ दिल्ली क्षेत्र में लागू की जा रही है।
पहले भी हुए हैं हादसे
कुछ महीने पहले मुस्तफाबाद में भी एक चार मंजिला इमारत ढह गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई थी। उस घटना के बाद भी MCD ने अवैध और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अभियान चलाया था। अब सफदरजंग हादसे ने फिर से प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। यह सर्वे अभियान आने वाले दिनों में निर्माण स्थलों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
—ख़बर बस यहीं तक—

