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Motivation & Personality Development

कछुए की चाल, तूफ़ानों में भी कमाल!

इंसान सोशल एनिमल है। अपराध कवरेज़ के दौरान मैने पाया ये सोशल डैंजरस एनिमल भी है। कई बार सच में कोई परेशान होता है और कई नाटक कर रहे होते हैं ऐसे में किसी के व्यवहार से किसी को जज नही करना चाहिए या फिर उसके बारे में कोई राय नहीं बनानी चाहिए। बहुत मुमकिन है वो अपना उल्लू सीधा कर रहा हो। किसी को परखना ही है तो उसके intent/मकसद से परखें ना कि व्यवहार।

आप ट्रैफिक नियम फॉलो करके चलते हैं मतलब एक्सीडेंट से फुल प्रूफ हो गए बिल्कुल नहीं। रॉंग साइड से आकर कोई आपको मौत के करीब पहुंचा सकता है। ठीक उसी तरह जीवन के इस चक्र में किसी ने आपके साथ बुरा बर्ताव कर दिया फिर भी आपको अपनी पावर कमजोर नहीं करनी। हमेशा अपने व्यवहार पर नज़र रखिए। काफी मान सम्मान मिलेगा।

कोई आपका अपमान कर दे तो आप क्यूं टूटें। रोज़ खुद से कहिए मुझे अपनी पावर और एनर्जी को बढ़ाना है। फिर भी आपको जीवन यात्रा में कोई ना कोई ऐसा मिल ही जाएगा जो हिला कर रख देगा। तभी मेरा ये आर्टिकल काम आएगा। याद रखिए नियति कैसे चलेगी ये डिजाइन करना रावण करता था लेकिन नियति के अनुसार मैं कैसे चलूंगा यह राम का काम है। इसलिए नियति नहीं डिजाइन करनी चाहिए। मैं एक करेक्शन करता हूं…डिज़ाइन करते चलिए लेकिन कुछ ऊंच-नीच हो जाए फिर भी आगे बढ़ते रहिए।

मुसीबत में कछुए की तरह बन जाइए। कहने का मतलब ये है कि अपना डिफेंस मेकैनिज्म कछुए की तरह रखो। आई हुई समस्या के साथ उलझो नहीं। ताकि वह कछुए के ऊपर से निकल जाए हमें हर समस्या के साथ ऐसी ही फीलिंग करनी चाहिए उलझना नहीं चाहिए लड़ना नहीं चाहिए। नेकी कर दरिया में डाल की कहावत सुनी तो होगी। जीवन भर के लिए बड़ी टिप दे रहा हूं। किसी की मदद ये सोचकर ना करें कि बुरे वक्त में वो आपकी मदद करेगा। बहुत कम ऐसे होंगे जो आपके लिए खड़े होंगे लिहाजा उनका ही आपको मान रखना है

(Pic Source–stock.adobe.com)

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