गुरूवार को दिल्ली नगर निगम सदन की बैठक में सफाईकर्मियों को पक्का करने के मुद्दे पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने सामने आ गई।
सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि महीने में एक बार होने वाली सदन की बैठक जन सरोकार से जुड़े मुद्दे उठाने का एक अच्छा अवसर होती है लेकिन आम आदमी पार्टी और जनता की भलाई का दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। निगम की बैठक में इस तरह बार बार व्यवधान उत्पन्न करने से हम नागरिक हितैषी फ़ैसले लेने से नहीं रुकेंगे यदि ज़रूरत पड़ी तो हम विशेष सदन भी बुलाएंगे और नागरिकों के हितों में कार्य करेंगे।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के फैक्ट्री लाइसेंस रिन्यू करने की प्रक्रिया में इंस्पेक्टर राज को खत्म करने का फैसला लिया है। नोटिफाइड औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्री लाइसेंस को संपत्ति कर के साथ जोड़ दिया गया है जिसके चलते फैक्ट्री मालिकों को वार्षिक संपत्ति कर का 5% लाइसेंस शुल्क के रूप में दिल्ली नगर निगम को देना होगा।
दिल्ली नगर निगम में नेता सदन प्रवेश वाही ने कहा कि आज इंस्पेक्टर राज को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की जानी थी लेकिन आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने दो बार मेरे हाथ से एजेंडा लेकर फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि यही आम आदमी पार्टी का असली चेहरा है।
दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि जब एमसीडी में ‘‘आप’’ की सरकार थी, तब हमने 12 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का प्रस्ताव पास किया और कर्मचारियों को वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ देने के लिए बजट में 800 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया था। लेकिन अब भाजपा की एमसीडी सरकार इस प्रस्ताव को लागू नहीं कर रही है। इन 12 हजार कर्मचारियों को पक्का करने का श्रेय भाजपा खुद ले ले, लेकिन इन कर्मचारियों को पक्का कर दे। यह कर्मचारियों का अधिकार है। लेकिन भाजपा की चार इंजन की सरकार कर्मचारियों को उनका अधिकार नहीं देना चाहती है।
नारंग ने कहा कि भाजपा दलित विरोधी है। भाजपा हमेशा दलितों के खिलाफ काम करती है। भाजपा जानबूझ कर दलित कर्मचारियों को पक्का नहीं कर रही है। मेयर नहीं चाहते हैं कि ये कर्मचारी पक्के हों। हमने सदन में 12 हजार कर्मचारियों को पक्का करने की आवाज उठाई तो मेयर ने सदन को ही स्थगित कर दिया।

