निगम सदन की बैठक हंगामे के चलते स्थगित हो गई। उस वक्त आप के नेता सदन रहे मुकेश गोयल ने चौंकाने वाला खुलासा किया इस आरोप के साथ कि 12 हजार कर्मचारियों के मुद्दे पर आप नेता झूठ बोल रहे हैं।
आप नेताओं ने इन कर्मचारियों को पक्का करने के लिए प्राईवेट प्रस्ताव लाया था, जिसका नगर निगम एक्ट में कोई महत्व नहीं है। खास बात है कि इन कर्मचारियों को पक्का करने और वेतन देने के लिए बजट के किसी भी मद में फंड की कोई व्यवस्था ही नहीं की गई थी।
मुकेश गोयल ने आगे कहा कि हमारी मेयर और स्टेंडिंग कमेटी चेयरमैन से मांग है कि विधिवत प्रस्ताव लाकर एमसीडी के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाये। उन्होंने आगे कहा कि आप नेतृत्व दो वर्ष तक एमसीडी के अपने शासनकाल में सोता रहा और अंतिम समय में नियम के विरूद्ध प्रस्ताव लाकर पास कर दिये गये। उन्हें मालूम था कि फरवरी में दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद वह एमसीडी में अल्पमत में आ गये हैं। ऐसे में झूठी वाहवाही लूटने के लिए ऐसे प्रस्ताव पास किये गये जो कि एमसीडी एक्ट और तकनीकी रूप से सही नहीं थे। अब सदन में हंगामा करके दिल्ली की जनता व एमसीडी कर्मियों के हितों में होने वाले कामों में अड़ंगा लगाया जा रहा है।
मुकेश गोयल ने आगे कहा कि इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी दिल्ली की जनता और एमसीडी के कर्मचारियों के हित में काम कर रही है। जो भी दल जनता के हित से जुड़े मुद्दों को सदन में लायेगा, हमारा दल उसका समर्थन करेगा। यदि भारतीय जनता पार्टी भी ऐसा कोई पस्ताव लाती है जो कि जनता के हित में नहीं है तो हम उसका पुरजोर विरोध करेंगे।

