दिल्ली नगर निगम ने राजधानी भर में नालों की सिल्ट सफाई (Desilting) का काम तेज़ी से शुरू कर दिया है। मेयर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि यह कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या न हो और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मेयर ने जानकारी दी कि दिल्ली नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में कुल 12,892 छोटे नाले (गहराई 4 फीट से कम) हैं, जिनकी संयुक्त लंबाई 6,069.88 किलोमीटर है। जनवरी 2026 से अब तक इन नालों से 8,047 मीट्रिक टन सिल्ट निकाली जा चुकी है। इन नालों की नियमित सफाई की जा रही है और काम लगातार जारी है।
इसी तरह निगम के पास 800 बड़े नाले (गहराई 4 फीट से अधिक) हैं, जिनकी कुल लंबाई 530.82 किलोमीटर है। जनवरी 2026 से अब तक इनसे 16,966 मीट्रिक टन सिल्ट हटाई गई है। मेयर ने बताया कि बड़े नालों की सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि बरसात के दौरान पानी का निकास सुचारू रूप से हो सके।
निगम ने बड़े नालों की व्यापक सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, सफाई का काम तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य समय से पहले पूरे हों और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
मेयर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि जलभराव-प्रवण और संवेदनशील स्थानों पर विशेष इंतज़ाम किए जाएंगे। ज़रूरत पड़ने पर पंप भी लगाए जाएंगे ताकि पानी जमा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में “ट्रिपल इंजन” सरकार नागरिकों के हित में लगातार काम कर रही है और दिल्ली सरकार के सहयोग से राजधानी को देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने का प्रयास जारी है।
मेयर ने नागरिकों से अपील की कि वे नालों में कचरा न डालें और सफाई बनाए रखने में निगम का सहयोग करें ताकि जल निकासी व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।
हैशटैग्स:
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