राजधानी में इस महीने दिवाली और छठ जैसे बड़े त्यौहार हैं लिहाजा साफ-सफाई का महत्व बढ़ जाता है ऐसे में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने सफाई अभियान 2 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर तक चलाने को कहा है। दरअसल दिल्ली नगर निगम के मेयर राजा इकबाल सिंह स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्य शर्मा और नेता सदन प्रवेश वाही ने शहरी विकास मंत्री आशीष सूद से मुलाकात कर 500 करोड़ का अतिरिक्त फंड मांगा ताकि एमसीडी की साफ सफाई व्यवस्था को और बेहतर दे सके।
मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि दिल्ली की जनता ने स्वच्छ और प्रदूषण से रहित वातावरण की उम्मीद की है लिहाजा एमसीडी इसके लिए हर संभव काम करेगी।
स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा ने कहा कि अतिरिक्त फंड न केवल सफाई को मजबूत करता है बल्कि सार्वजनिक शौचालय और पार्कों का रखरखाव भी ठीक से हो सकेगा।
निगम के नेता सदन प्रवेश वाही ने सभी जोनल कर्मचारियों को निर्देश दिया कि हर वार्ड में कम से कम पांच कचरा वाली जगहों की पहचान कर दो सप्ताह के भीतर साफ किया जाए।
आप का करारा तंज़- दिल्ली की हर सड़क, मैदान, गली में कूड़ा पसरा है, भाजपा सिर्फ सफाई अभियान का दिखावे में लगी है
आम आदमी पार्टी में एमसीडी नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि नारायणा से विधायक उमंग बजाज को वार्ड 139 से पार्षद भी रह चुके हैं, लेकिन उनको कूड़े से परेशान लोगों का हाल जानने का भी समय नहीं है। गंदगी के चलते मौसमी बीमारियों का खतरा बरकरार है, लेकिन भाजपा कूड़े को हटाने के लिए तैयार नहीं है। यहां एक तरफ गैस गोदाम है और दूसरी तरफ राजीव गांधी कैंप जाने का रास्ता है। जहां लोग रहते हैं। तीसरी तरफ नरायणा का एकमात्र श्मशान घाट है। चारों तरफ कूड़ा ही कूड़ा है, पक्षियों की आवाजें आ रही हैं और मरे हुए जानवर तक यहां मिलते हैं। विधायक बनने के बाद भी रिक्त पार्षद सीट पर चुनाव नहीं हुआ और यहां इतना कूड़ा जमा है कि लगता है, उमंग बजाज के पास इतना भी समय ही नहीं है कि वह यहां की स्थिति देखने आएं।

भाजपा को शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए। केंद्र, दिल्ली, एमसीडी, उपराज्यपाल सभी जगह उनकी चार इंजन की सरकार होने के बावजूद दिल्ली को कूड़े का ढेर बना दिया। हाल ही में भाजपा ने अभियान चलाया, जिसका नाम “दिल्ली को कूड़े से आजादी” था, लेकिन यह नाम गलत था। अभियान का असली नाम “दिल्ली में कूड़े को आजादी” था। भाजपा ने कूड़े को आजाद करके हर सड़क, मैदान, गली, चौपाल पर कूड़ा बिखेर दिया। हर जगह कूड़ा ही कूड़ा है।

इतनी बदहाली हो गई है कि जब से एमसीडी में भाजपा आई है, हर सड़क और गली वल्नरेबल पॉइंट में तब्दील हो गई है और हर जगह कूड़ा ही कूड़ा एकत्रित है। मैं भाजपा सरकार से कहना चाहता हूं कि दिल्ली की मुख्यमंत्री और महापौर अभियान चलाते हैं कि दिल्ली को कूड़ा मुक्त करेंगे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। चारों तरफ कूड़ा ही कूड़ा बिखरा पड़ा है। यह भाजपा विधायक और पार्षद के इलाके की हालत है, भाजपा और उमंग बजाज को शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए। राजेंद्र नगर की जनता यह हक नहीं रखती कि वह कूड़े में सांस ले।
नारंग ने कहा कि अभी बरसात और वेक्टर जनित बीमारियों का समय है और मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू जैसी बीमारियां फैलने का खतरा है। इस गंदगी और कूड़े से अनुमान लगाया जा सकता है कि हालात कितने खराब होंगे। हमने बार-बार नगर निगम की 311 एप पर शिकायत की, लेकिन कोई सुध लेने और देखने को तैयार नहीं है कि यह कूड़ा कैसे हटेगा और लोगों की जिंदगी कैसे आसान होगी।
मेयर राजा इकबाल सिंह— ने कहा कि दिल्ली की जनता ने स्वच्छ और प्रदूषण से रहित वातावरण की उम्मीद की है लिहाजा एमसीडी इसके लिए हर संभव काम करेगी।
नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग—भाजपा को शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए। केंद्र, दिल्ली, एमसीडी, उपराज्यपाल सभी जगह उनकी चार इंजन की सरकार होने के बावजूद दिल्ली को कूड़े का ढेर बना दिया। हाल ही में भाजपा ने अभियान चलाया, जिसका नाम “दिल्ली को कूड़े से आजादी” था, लेकिन यह नाम गलत था। अभियान का असली नाम “दिल्ली में कूड़े को आजादी” था। भाजपा ने कूड़े को आजाद करके हर सड़क, मैदान, गली, चौपाल पर कूड़ा बिखेर दिया। हर जगह कूड़ा ही कूड़ा है

