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‘सुप्रीम’ ऑर्डर के बाद मेयर ने बता दिया MCD कुत्तों को कब उठाएगी?

बीमार और काटने वाले कुत्तों पर सख्त कार्रवाई – महापौर ने दी सख्त चेतावनी

राजधानी में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर अब सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने बताया कि पहले चरण में बीमार, काटने वाले और रेबीज से संक्रमित कुत्तों को प्राथमिकता से पकड़ा जाएगा।

महापौर ने कहा कि नगर निगम की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे खतरनाक कुत्तों को तुरंत चिन्हित कर पकड़ने की कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि यह अभियान खासतौर पर उन इलाकों में तेज किया जाएगा, जहां कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज से संक्रमित कुत्तों से बचाव बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है। महापौर ने लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसे कुत्तों की सूचना तुरंत निगम को दें और उनसे दूरी बनाए रखें। राजधानी में बढ़ते कुत्ता काटने के मामलों और बीमार आवारा कुत्तों की संख्या को देखते हुए यह कदम जनहित में अहम माना जा रहा है।

Community Dogs (आवारा कुत्ते) पर राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को लेकर कहा, “ये विज्ञान-आधारित नीति से पीछे हटने जैसा”

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जितना समस्या के खत्म होने की उम्मीद नजर आई उतनी ही इसके खत्म न होने पर भी आशंका बढ़ गई क्योंकि आदेश के बाद डॉग लवर्स ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया तो वही मेनका गांधी के भी आदेश पर आपत्ति जताने के बाद अब राहुल गांधी ने भी x पर लिखा।

“सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली-एनसीआर से सभी आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश, दशकों से अपनाई जा रही मानवीय और विज्ञान-आधारित नीति से पीछे हटने जैसा है।”

ये नि:शब्द प्राणी “समस्या” नहीं हैं जिन्हें मिटा दिया जाए। शेल्टर, नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक देखभाल से सड़कों को बिना क्रूरता के सुरक्षित रखा जा सकता है। बिना भेदभाव हटाना क्रूर, दूरदर्शिता-विहीन है और हमें करुणा से वंचित करता है। हम जनसुरक्षा और पशु कल्याण—दोनों को साथ लेकर चल सकते हैं। जब शेल्टर होम ही नहीं है तो कहां रखे जाएंगे करीब 10 लाख कुत्ते?

आवारा कुत्ते दिल्ली में 10 लाख, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में करीब 35000 हैं। गुरुग्राम 9000 से ज्यादा आवारा कुत्तों का होने का अनुमान है। अनुमान ये कहता है दिल्ली में करीब 3 लाख कुत्ते पकड़ने होंगे और दिल्ली सरकार को 1000 या 2000 शेल्टर होम बनाना पड़ेगा। कुत्ते आपस में लड़ भी सकते हैं। बता दें दिल्ली समेत NCR में भी कुत्तों के अनुमानित संख्या है न कि कोई सर्वे आधारित। यानी ये नंबर बढ़ सकता है। दिल्ली और फरीदाबाद में एक भी शेल्टर होम नहीं है। एक्सपर्ट ने बताया कि नसबंदी केवल कुत्तों की संख्या में बढ़ोतरी को रोकते हैं लेकिन इससे कुत्तों की रेबीज फैलाने की क्षमता खत्म नहीं होती यही वजह है कि इसे रोकना बहुत जरूरी है और रेबीज का कोई इलाज भी नहीं है।

फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम में भी कोई सर्वे नहीं हुआ

साल 2009 में दिल्ली नगर निगम में लावारिस कुत्तों का सर्वे किया और 5 लाख 60000 के करीब संख्या बताई तब दिल्ली नगर निगम एक हुआ करता था । साल 2016 में तब के दक्षिणी नगर निगम में लावारिस कुत्तों का सर्वे किया और संख्या 1,89000 बताई। साल 2019 में विधानसभा ने एक उप समिति का गठन किया जिसने बताया कि यह संख्या 8 लाख के करीब है।  2 सालों से निगम प्रशासन में कुत्तों को लेकर कोई सर्वे नहीं हुआ। माना जाता है की राजधानी दिल्ली में इन कुत्तों की आबादी 10 लाख से अधिक हो चुकी है। पालतू कुत्तों की संख्या अलग है।

कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का खर्च करोड़ों में

दिल्ली नगर निगम के मुताबिक 648 कर्मचारी और अधिकारी के पद स्वीकृत हैं कुत्ता पकड़ने के लिए 24 वैन। 20 बंध्याकरण केंद्र हैं इन केदो में सिर्फ 4000 कुत्तों को रखने की क्षमता है। आवारा गाय के रखरखाव और चेहरे पर हर रोज ₹40 का खर्च आता है ऐसे में कुत्तों के लिए अगर यही खर्च हुआ तो निगम इसके लिए फंड कहां से लाएगा। शेल्टर होम बन भी जाए तो इन कुत्तों को शेल्टर होम में रखने में हर रोज 3.20 करोड़ का खर्च आएगा ऐसे में हर महीने का खर्चा 90 करोड़ हो जाएगा ऐसे ही नोएडा गुरुग्राम गाजियाबाद और फरीदाबाद में आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने के लिए करोड़ों रुपए की जरूरत हर महीने होगी।

अपने ही फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने कैसेबदला

आवारा कुत्ते को पकड़ कर स्टरलाइजेशन करने के बाद जिस इलाके से उठाया गया उसी इलाके में 10 दिन के अंदर छोड़ना पड़ता है केवल खतरनाक और रेबीज वाले कुत्तों को शिकायत के बाद स्थानीय निकाय उठाती थी और 10 दिन तक की अंदर रखती थी।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब सभी कुत्तों को उठाया जाएग। स्टरलाइजेशन के बाद शेल्टर होम में रखा जाएगा जिस इलाके से कुत्ते को उठाया गया है वहां पर नहीं छोड़ना होगा किसी भी इलाके में आवारा कुत्ता दिखेगा तो निगम की टीम को शिकायत मिलने के चार घंटे के भीतर उठाना पड़ेगा।

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