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10वीं कैबिनेट मीटिंग में रेखा सरकार का बड़ा फैसला, इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट फंड से बदलेगी दिल्ली

रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में जनसेवा और राजधानी के विकास, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाले अनेक फैसले लिए गए। शिक्षा की बेहतरी के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया।

10 कैबिनेट मीटिंग में बड़े फैसले लेते हुए दिल्ली कैबिनेट ने तय किया है कि अब सरकारी स्कूलों को प्राइवेट से बेहतर बनाएंगे। मंत्री आशीष सूद ने बताया कि 37778 क्लासरूम में से 799 ही स्मार्ट क्लासरूम लेकिन दिल्ली सरकार ने तय किया है कि 9वीं से 12वीं तक 18966 क्लासरूम में स्मार्ट ब्लैक बोर्ड लगेंगे।

5 चरणों में लगेंगे स्मार्ट ब्लैक बोर्ड

8966 स्मार्ट ब्लैक बोर्ड लगाने का बजट कैबिनेट में ना केवल पास कर दिया गया बल्कि पांच चरणों में पूरा होगा। 75 सीएम श्री स्कूलों में 2446 स्मार्ट ब्लैक बोर्ड लगेंगे. सरकार स्कूलों को बदलने के लिए 900 करोड़ रुपए खर्च करेगी

क्या है सरकार का इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट फंड?

दिल्ली सरकार ने अपने बजट की एक और घोषणा को आज पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुलाई गई आज केबिनेट की बैठक में एकीकृत जिला परियोजना निधि/जिला परियोजना निधि (इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट फंड/डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट फंड) को स्वीकृति प्रदान की है। इस निधि से सभी सरकारी जिलों में छोटे लेकिन ज़रूरी विकास कार्यों को बिना किसी बाधा से पूरा किया जा सकेगा। इन योजनाओं के लिए 53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह पहल ‘परफॉर्म, रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के स्मार्ट सुशासन मंत्र पर आधारित है। हमारी सरकार सिस्टम का विकेंद्रीकरण करना चाहती है, ताकि हर स्तर पर विकास योजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।

कैबिनेट की इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अलावा अन्य कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि ये योजनाएं दिल्ली के ज़मीनी स्तर पर विकास को गति देंगी और लोगों को बुनियादी सुविधाएं जल्द और प्रभावी रूप से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इस योजना का उद्देश्य ऐसी विकास परियोजनाओं के लिए फंड उपलब्ध कराना है जो बुनियादी ढांचे, सामुदायिक सुविधाओं और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित हों। इस फंड से सड़कों, स्कूलों, डिस्पेंसरियों, सामुदायिक केंद्रों आदि जैसी विभिन्न परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य स्थानीय आवश्यकताओं की पहचान करना, परियोजनाओं की योजना बनाना तथा जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए संसाधनों का आवंटन करना है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना का लक्ष्य दिल्ली के सभी 11 सरकारी जिलों में तात्कालिक प्रकृति के छोटे विकास कार्यों को पूरा करना है। सभी आवश्यक विकास कार्यों को पीडब्ल्यूडी, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली नगर निगम आदि के माध्यम से कराया जाएगा। यह योजना संबंधित क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाई गई है। जिलों में जो कार्य करवाए जाएंगे उनमें:-

बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर):

सड़कों, पुलों तथा अन्य संरचनाओं (जैसे राजस्व जिलों के कार्यालयों) की मरम्मत से जुड़े छोटे कार्य।

सामुदायिक सुविधाएं:

सामुदायिक केंद्रों, पंचायत घरों एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत से जुड़े छोटे कार्य।

सामाजिक कल्याण:

स्कूलों, डिस्पेंसरियों में मरम्मत कार्य, गौशालाओं का रखरखाव, स्ट्रीट लाइट्स का रखरखाव, सीसीटीवी कैमरों का रखरखाव, नालियों का रखरखाव, तालाबों का पुनर्जीवन, तथा शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

अन्य परियोजनाएं:

सार्वजनिक शौचालयों और पार्कों की मरम्मत/रखरखाव, बाढ़ नियंत्रण प्रबंधन तथा अन्य मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी परियोजनाएं जिन्हें सक्षम अधिकारी द्वारा उपयुक्त माना जाए।

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