राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर के सामने तलब समय रैना ने आयोग को एक लिखित माफ़ीनामा सौंपा कर खेद किया। रैना से स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है। भविष्य में ऐसे किसी भी कथन से परहेज करें और साथ ही महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों पर जागरूकता बढ़ाने हेतु रचनात्मक सामग्री तैयार करेंगे।
समय रैना ने आयोग के निर्देशों का सम्मान करते हुए इस दिशा में काम करने की सहमति दी और और कहा कि वे आगे से महिलाओं की गरिमा और सम्मान का पूर्ण ध्यान रखेंगे तथा महिला सम्मान से संबंधी कंटेंट बनाएँगे।
राष्ट्रीय महिला आयोग का मानना है कि सार्वजनिक व्यक्तित्वों की जिम्मेदारी होती है कि वे समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करें। यह प्रकरण आयोग के उस निरंतर प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत मीडिया, मनोरंजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को महिलाओं की गरिमा के प्रति उत्तरदायी बनाने की दिशा में कार्रवाई की जाती है।

