नरेला सब-सिटी में हाल ही में किए गए उपायों का असर पहले दिन के अच्छे रिस्पॉन्स में दिख रहा है, जिसमें पहले दिन का रेवेन्यू लगभग 450 करोड़ रुपये रहा।
कर्मयोगी योजना के तहत दिल्ली की जनता की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल गई। पहले 24 घंटों के अंदर ही लगभग 60 प्रतिशत फ्लैट बिक गए।
1 बीएचके फ्लैट लगभग बिक चुके हैं और 2 बीएचके और 3 बीएचके श्रेणी में ज़बरदस्त डिमांड है।
डीडीए कर्मयोगी आवास योजना 2025 में बुकिंग शुरू होने के पहले 24 घंटों के अंदर ही स्कीम के तहत ऑफर किए गए कुल फ्लैटों में से लगभग 60 प्रतिशत बिक गए। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पहले दिन ही 684 फ्लैट बिक गए।
पहले दिन की बुकिंग से लगभग 450 करोड़ रुपये का अपेक्षित राजस्व प्राप्त हुआ है। यह ज़बरदस्त बढ़त डीडीए की हाउसिंग पहल में घर खरीदने वालों के बीच भरोसे को दर्शाती है और दिल्ली के एक पसंदीदा और अच्छी तरह से कनेक्टिड सब-सिटी के तौर पर नरेला के विकास को दर्शाती है।
यह ज़बरदस्त प्रतिक्रिया हाउसिंग में लगातार सुधारों और नरेला सब-सिटी में प्रत्यक्ष बदलाव की वजह से है, जो माननीय उपराज्यपाल श्री वीके सक्सेना जी की प्रत्यक्ष देखरेख और मार्गदर्शन में डीडीए द्वारा की गई विशेष योजना, आधारिक संरचना विकास और सुधारों से हुआ है ।
पहले दिन की बुकिंग से पता चलता है कि सभी श्रेणियों में ज़बरदस्त मांग है। 1 बीएचके फ्लैट में बुक होने वाली सभी उपलब्ध इकाइयां लगभग पूरी बिक गईं, जिससे पता चलता है कि सस्ते और रेडी-टू-मूव आवासों की बहुत ज़रूरत है। 2 बीएचके फ्लैट सबसे ज़्यादा रेवेन्यू कंट्रीब्यूटर के तौर पर उभरे, जो मीडियम लेवल की सैलरी पाने वाले परिवारों की रूचि को दर्शाता है, जो नियोजित वातावरण में किफायती आवास की तालाश कर रहे हैं। 3 बीएचके फ्लैट्स में भी ज़बरदस्त बुकिंग हुई, जिससे सीनियर अधिकारियों और उन परिवारों की डिमांड पता चलती है, जो गेटेड लिविंग और शांतिपूर्ण ढ़ग से रहने की जगह वाले बड़े घरों की तलाश में हैं।
योजना की गति नरेला के तेज़ी से हो रहे बदलाव से जुड़ी है , जिसे दिल्ली के अगले ग्रोथ हब के तौर पर देखा जा रहा है। इस क्षेत्र में जीटी करनाल रोड और यूईआर II के माध्यम से बहुत अच्छी रोड कनेक्टिविटी है, जबकि प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा और बेहतर होने की उम्मीद है। औद्योगिक, शैक्षणिक और संस्थागत हब से निकटता, साथ ही एक अच्छे से नियोजित आवासीय इकोसिस्टम में नव निर्मित बने रेडी टू मूव फ्लैट्स की उपलब्धता ने क्वालिटी लिविंग के साथ-साथ दीर्घकालिक निवेश हेतु नरेला को और मज़बूत किया है। पिछले सप्ताह, डीडीए ने नरेला में नए कैंपस के लिए जीजीएसआईपीयू और दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी को भूमि का आधिपत्य सौंपा।
डीडीए कर्मयोगी आवास योजना 2025 केंद्र और राज्य सरकारों, पब्लिक सेक्टर के उपक्रमों, पब्लिक सेक्टर के बैंकों, स्थानीय निकायों, स्वायत निकायों और सरकारी यूनिवर्सिटीज़ के मौजूदा और रिटायर्ड कर्मचारियों को एक नियोजित आवासीय वातावरण में अच्छे घर खरीदने का एक आकर्षक लिमिटेड टाइम मौका देती है। यह स्कीम सभी श्रेणियों में 25 प्रतिशत छूट पर फ्लैट देती है, जो बिना किसी रोक-टोक के दूसरी प्रॉपर्टीज़ खरीदने की अनुमति भी देती है, और एक पारदर्शी ‘पहले आओ पहले पाओ’ आबंटन प्रणाली को अपनाती है। पॉकेट 9, सेक्टर ए1-ए4, नरेला में मौजूद 1 बीएचके, 2 बीएचके और 3 बीएचके फ्लैट्स की बिक्री डीडीए के आवास पोर्टल पर एंड-टू-एंड ऑनलाइन प्रोसेस के ज़रिए की जा रही है, जिससे देश भर के आवेदकों के लिए एक्सेस में आसानी, पारदर्शिता और समता सुनिश्चिता हो रही है। यह स्कीम सिर्फ़ 31 मार्च 2026 तक बुकिंग के लिए खुली रहेगी।
पहले दिन, बुक हो चुकी सूची को देखते हुए, अब कुछ विशेष श्रेणियों में सीमित फ्लैट उपलब्ध हैं। इसलिए, पात्र आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपना पसंदीदा फ्लैट पाने हेतु शीघ्र आवेदन करें। बुकिंग डीडीए के ई-सर्विस पोर्टल https://eservices.dda.org.in के माध्यम से की जा सकती है । सैंपल फ्लैट आम लोगों के देखने के लिए उपलब्ध हैं, ताकि आवेदक सोच-समझकर फ्लैट का चयन कर सकें।
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