सुनियो योजना, जो शुरू में 01 जून 2025 से 30 सितंबर 2025 तक की अवधि के लिए थी, अब 30 सितंबर 2025 से आगे तीन महीने और 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है, जिसमें विस्तारित अवधि के दौरान योजना के तहत गणना की गई कर की मूल राशि पर 2% विलंब शुल्क का प्रावधान है – महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह
चालू वर्ष (सुनियो योजना सहित) के लिए 30 सितंबर, 2025 तक कुल संपति कर संग्रह 11.79 लाख करदाताओं से 2270 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 9.9 लाख करदाताओं से लगभग 1736 करोड़ रुपये का संपति कर संग्रह हुआ था
दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने सभी नागरिकों से संपत्ति कर माफी योजना 2025-26- संपत्तिकर निपटान योजना (सुनियो) का लाभ उठाने की अपील की है। सुनियो योजना के तहत, करदाता वित्तीय वर्ष 2020-21 से पहले ब्याज और जुर्माने सहित संपत्ति कर की पूरी छूट का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते वे चालू वर्ष (2025-26) और पिछले पाँच वित्तीय वर्षों (अर्थात, वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25) के लिए बिना किसी ब्याज और जुर्माने के संपत्ति कर की मूल राशि का भुगतान करें।
यह सुनियो योजना शुरू में 01 जून 2025 से 30 सितंबर 2025 तक की अवधि के लिए खुली थी, अब 30 सितंबर 2025 से आगे तीन महीने और 31 दिसंबर 2025 तक के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसमें विस्तारित अवधि के दौरान योजना के तहत गणना की गई कर की मूल राशि पर 2% विलंब शुल्क का प्रावधान है।
महापौर ने कहा, “हम सभी संपत्ति मालिकों/कब्जाधारियों से अपील करते हैं कि वे विस्तारित अवधि के दौरान सुनियो (SUNIYO ) के तहत इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाएँ और बिना किसी दंड या ब्याज के अपने बकाया संपत्ति कर का भुगतान करें।”
महापौर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि नागरिक सुनियो योजना का लाभ उठाकर कर माफी योजना में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। अब तक, 1.29 लाख से अधिक करदाता इस पहल से लाभान्वित हो चुके हैं और 30 सितंबर, 2025 तक 519 करोड़ रुपये से अधिक का संपत्ति कर चुका चुके हैं। इनमें से 66 हज़ार नए करदाताओं ने सुनियो योजना का लाभ उठाया है और पहली बार संपत्ति कर का भुगतान किया है। सुनियो योजना के तहत इन पहली बार करदाताओं से लगभग 200 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ है। अभी तक केवल 6 महीने ही बीते हैं और चालू वित्त वर्ष 2025-26 में संपत्ति कर वसूली के लिए अभी भी 6 महीने और शेष हैं।
महापौर ने आगे बताया कि चालू वर्ष (सुनियो योजना सहित) के लिए 30 सितंबर, 2025 तक कुल कर संग्रह 11.79 लाख करदाताओं से 2270 करोड़ रुपये है , जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 9.9 लाख करदाताओं से लगभग 1736 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ था। यह दर्शाता है कि इसी अवधि की तुलना में कर संग्रह में 30.7% और करदाताओं की संख्या में 19% की वृद्धि हुई है। यहाँ यह उल्लेख करना उचित होगा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुल कर संग्रह 11.33 लाख करदाताओं से 2132.29 करोड़ रुपये था, जो आज की तारीख में चालू वित्त वर्ष के कर संग्रह से काफी कम है।
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