दिल्ली की हवा को साफ़ रखने की जंग में नगर निगम ने दिसंबर महीने में अपने ज़ीरो टॉलरेंस दृष्टिकोण को और तेज़ कर दिया है। बायोमास जलाने और सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) कचरे की अवैध डंपिंग के खिलाफ निगम ने सख़्त कार्रवाई करते हुए कुल 54.98 लाख रुपये के चालान जारी किए। यह कदम राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाया गया है।
1 दिसंबर से 20 दिसंबर तक चले विशेष अभियान में 356 निगरानी टीमें तैनात की गईं। इन टीमों ने सभी 12 ज़ोन में निरीक्षण कर 7,023 चालान जारी किए, जिनकी राशि 43.26 लाख रुपये रही। वहीं, खुले में बायोमास और कचरा जलाने वाले 420 उल्लंघनकर्ताओं पर 11.72 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
धूल नियंत्रण के लिए निगम ने व्यापक कदम उठाए हैं। 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर एंटी स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर से नियमित छिड़काव किया जा रहा है। पिछले एक हफ़्ते में 18 धूल-प्रभावित सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया। रात के समय सफ़ाई सुनिश्चित करने के लिए 52 मैकेनिकल स्वीपर और समर्पित सफ़ाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सड़कों को जेटिंग मशीनों से धोने का काम भी जारी है।
सभी ज़ोन में 28 एंटी स्मॉग गन और 167 वॉटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। इसके अलावा, निर्माण और तोड़फोड़ पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर 33.95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और 34 अवैध जींस रंगाई इकाइयों को सील कर दिया गया।

निगम ने नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए MCD311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रियता बढ़ाई है। ठोस अपशिष्ट की डंपिंग, मलबा हटाने और सड़क मरम्मत से जुड़ी शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है।

सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान भी निगम की प्राथमिकता है। आरडब्ल्यूए, बाज़ार संघों और संस्थानों के साथ मिलकर नागरिकों को प्रदूषण नियंत्रण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

दिल्ली नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि ग्रेप IV के दौरान किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लगातार निगरानी, फील्ड निरीक्षण और सख़्त प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे दिशानिर्देशों का पालन करें और जनहित में सहयोग दें।
—ख़बर यहीं तक

