दिल्ली सरकार दिल्ली में राम लीला का आयोजन, अब तक का सबसे भव्य हो इसके लिए कोर सकर नहीं छोड़ रही। ऐसा पहली बार होगा जब रामलीला और दुर्गा पूजा की सीधी निगरानी कर रहे हैं। 27 साल के सियासी वनवास को खत्म कर दिल्ली की सत्ता संभालने वाली रेखा सरकार की पहली चुनौती कांवड़ यात्रा के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बनी। त्यौहारी सीज़न में रामलीला और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों में कांवड़ प्रबंधन की तरह ही सिंगल विंडो सिस्टम करके सरकार ने राहत दे दी। रामलीला आयोजन के लिए जरूरी सभी परमिशन सिंगल विंडो सिस्टम के तहत एक ही जगह से हो जाएं वहीं रामलीला मंचन के लिए सारी औपचारिकताएं जिलों में डीएम कार्यालय स्तर पर ही सुलझाने को कहा गया है। रामलीला का मंचन 22 सितंबर से 02 अक्टूबर तक होने जा रहा है। राजधानी में 600 रामलीलाओं का मंचन किया जाता है। इनमें से 100 बड़ी रामलीलाओं का मंचन भव्य तरीके से होता है। सरकार के लाख दावों के बाद भी रामलीला और दुर्गा पूजा से संबंधित किसी भी तरह की दिक्कत के लिए आप दिल्ली सरकार के इन 2 कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों से मिल लीजिए।
क्या करेंगी ये समितियां– मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ये समितियां धार्मिक आयोजनों के आयोजकों के साथ लगातार बात करके उनकी आवश्यकताओं, सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर सुनकर राहत देंगी।
2 कैबिनेट मंत्री रामलीलाओं व दुर्गा पूजा के लिए समितियों समितियों के अध्यक्ष
रामलीला समिति–(Ramleela Committee)
रामलीला समिति के चेयरमैन कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह
समिति के सदस्य विधायक अशोक गोयल, अनिल कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, संजय गोयल, संदीप सहरावत हैं। समिति में डिविजनल कमिश्नर नीरज सेमवाल सदस्य सचिव होंगे।
दुर्गा पूजा समिति (Durga Puja Committee)
दुर्गा पूजा समिति चेयरमैन केबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
समिति के सदस्यों में विधायक नीरज बसोया, रविंद्र नेगी, चंदन चौधरी, करनैल सिंह शामिल हैं। इस समिति में भी डिविजनल कमिश्नर नीरज सेमवाल सदस्य सचिव बनाए गए हैं।
झूले व खाने-पीने के स्टॉल से विवाद हो तो क्या करें?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मनोरंजन स्थल में लगने वाले झूले व खाने-पीने के स्टॉल को लेकर कभी-कभी आपसी विवाद हो जाता था। अब समय पर ही ऐसे विवाद का निवारण करने के लिए डीडीए के उप-निदेशक स्तर के अधिकारी व दिल्ली रामलीला महासंघ के दो पदाधिकारियों की एक समिति बना दी गई है। जरूरत पड़ने पर यह समिति विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विवादों का निपटारा कर देगी।

