दिल्ली की दमघोंटू हवा के बीच, ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-IV) अब सिर्फ काग़ज़ी आदेश नहीं रह गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने साफ कर दिया है कि प्रदूषण फैलाने वालों के लिए अब कोई रियायत नहीं होगी। बीते एक हफ्ते में निगम ने निर्माण और तोड़फोड़ प्रतिबंधों के उल्लंघन पर 33.95 लाख रुपये के चालान काटकर सख्त संदेश दिया है।
यह कार्रवाई कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के अनुरूप की जा रही है। GRAP-IV के दौरान राजधानी में सभी प्रकार की निर्माण व तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध है, बावजूद इसके कई बिल्डर नियमों को ताक पर रखे पाए गए।

1792 साइटों की जांच, 771 पर कार्रवाई
नगर निगम की प्रवर्तन टीमों ने सभी ज़ोन में 1792 निर्माण स्थलों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में नियमों की अनदेखी सामने आते ही 771 चालान जारी किए गए।
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में ही निगम ने निर्माण प्रतिबंधों के उल्लंघन पर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक के 900+ चालान काटे थे, जो समस्या की गंभीरता को उजागर करता है।
द्वारका में बिल्डर पर 5 लाख का जुर्माना
कार्रवाई के तहत द्वारका सेक्टर-19B में एक बड़े बिल्डर पर 5 लाख रुपये का चालान ठोका गया। इसके अलावा, धूल नियंत्रण उपाय—जैसे एंटी-स्मॉग गन, साइट कवरिंग और पानी का छिड़काव—न अपनाने पर अन्य निर्माण स्थलों पर भी सख्त जुर्माना लगाया गया।

सिर्फ दंड नहीं, जागरूकता भी
नगर निगम का फोकस केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। साइट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मज़दूरों और ठेकेदारों को GRAP नियमों और धूल नियंत्रण उपायों की जानकारी भी दी।
मालिकों और बिल्डरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि GRAP-IV के सभी दिशानिर्देशों का सख्त कार्रवाई तय है।
वायु प्रदूषण के खिलाफ
ज़ीरो-टॉलरेंस
नगर निगम ने दोहराया है कि वायु प्रदूषण के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
निरंतर निगरानी, फील्ड निरीक्षण और कड़े प्रवर्तन के ज़रिये निगम का लक्ष्य साफ है—दिल्ली की हवा को सांस लेने लायक बनाना।
नागरिकों और डेवलपर्स से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और जनहित में प्रशासन का सहयोग करें, क्योंकि प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई प्रशासन नहीं, पूरे समाज की है।
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