दिल्ली के जैतपुर थाना इलाके में गुरुवार देर शाम दिल दहला देने वाली चाकूबाजी की घटना सामने आई, जिसमें एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह वारदात सिंधु फार्म वाले रोड पर अग्रवाल धर्मशाला के पास हुई, जिसने एक बार फिर राजधानी में युवाओं—खासतौर पर नाबालिगों—के अपराध की ओर बढ़ते कदमों पर चिंता बढ़ा दी है।
मृतक की पहचान शुक्र बाजार रोड, हरी नगर एक्सटेंशन निवासी कृष्णा साहू (21) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक 15 जनवरी 2026 की रात करीब 11:18 बजे जैतपुर के धर्मशाला रोड पर मारपीट की सूचना को लेकर PCR कॉल मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि दो पक्षों के बीच पहले से चले आ रहे व्यक्तिगत विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विवाद एक साझा परिचित को लेकर था। आरोप है कि मुख्य आरोपी दीपक घटना से पहले सोशल मीडिया के जरिए शिकायतकर्ता प्रिंस (19) को लगातार परेशान कर रहा था। इसी तनाव को सुलझाने के लिए रात करीब 11 बजे “समझौता बैठक” के बहाने दोनों पक्षों की मुलाकात तय हुई, लेकिन बातचीत जल्द ही कहासुनी में बदली और फिर चाकूबाजी में तब्दील हो गई।
हमले में कृष्णा साहू को सीने, कंधे और पीठ में गंभीर चाकू के घाव लगे। उन्हें तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। इस घटना में सनी (21) के पेट और जांघ में चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है, जबकि प्रिंस को मामूली चोटें आई हैं।
पुलिस ने क्राइम टीम की मदद से घटनास्थल का निरीक्षण किया और अहम फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। CCTV फुटेज की समीक्षा के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आशीष (24), निवासी गांव मीठापुर, पेशे से ग्राफिक डिजाइनर, और एक 17 वर्षीय नाबालिग शामिल है, जिसे कानून से संघर्षरत बालक (CCL) के रूप में निरुद्ध किया गया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक चेतावनी है। जिस तरह नाबालिग अपराधों में शामिल हो रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए विवाद भड़क रहे हैं, वह कानून-व्यवस्था के साथ-साथ समाज के लिए भी चिंता का विषय है। सवाल यह है कि क्या समय रहते परिवार, समाज और सिस्टम मिलकर युवाओं को हिंसा के रास्ते पर जाने से रोक पाएंगे, या ऐसी घटनाएं यूं ही सुर्खियां बनती रहेंगी।
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