सफाईकर्मियों को दिवाली पर नहीं मिलेगी छुट्टी
20 अक्टूबर को दिवाली है। इस साल तिथि मतभेद के चलते अनेक लोग 21 अक्टूबर को भी दिवाली मानेंगे। हालांकि एमसीडी ने दिवाली के एक दिन पहले और अगले दिन सफाई कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। जिन पर जिम्मेदारी होगी पटाखों से पैदा हुए कचरे को सामान्य कूड़े से ना केवल अलग करना बल्कि पटाखों वाला ज्वलनशीन कूड़ा सीधे बिजली बनाने वाले संयंत्रों तक पहुंच जाए। ताकि लैंडफिल पर आग ना लगे और पटाखों वाले कचरे से बिजली पैदा हो जिसका उपयोग लोग घरों में कर सकें।
पटाखों की चिंगारी कहीं लैंडफिल में आग ना लगा दे—इस डर को MCD ने एक्शन में बदल दिया है। लिहाजा दीपावली (20–21 अक्टूबर) के मद्देनज़र निगम ने सफाईकर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगाई है ताकि पटाखों से निकले ज्वलनशील कचरे को सामान्य कूड़े से अलग करके सीधे Waste-to-Energy प्लांट तक पहुंचाया जा सके। इस बार लक्ष्य सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादन का भी है—ताकि पटाखों की चिंगारी बिजली में बदले, न कि लैंडफिल में आग में।
लैंडफिल पर स्थायी वॉच टावर और हाइड्रेंट लगाए गए हैं। दिल्ली सरकार का आंकड़ा कहता है कि 7,834 टीपीडी की मौजूदा Waste-to-Energy क्षमता में 7,000 टीपीडी और जुड़ने जा रहे हैं।
आपको बता दें कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में निगम ने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। साल 2025 में अभी तक लैंडफिल में एक भी आगजनी का मामला नहीं आया अब तक 136.27 लाख टन लीगेसी वेस्ट की बायोमाइनिंग हो चुकी है।
कचरा प्रबंधन और खुले में जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए 443 टीमें 24×7 गश्त पर हैं ताकि कचरा या बायोमास जलाने की घटनाओं को रोका जा सके। 300 टीपीडी बायोगैस प्लांट चालू है। 1,050 टीपीडी अतिरिक्त क्षमता जल्द ओखला, गोयला में लगेगी।
आपको बता दें कि ओखला (जुलाई 2026), भलस्वा (दिसंबर 2026) और ग़ाज़ीपुर (दिसंबर 2027) को खत्म करनी की समयसीमा तय की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश (15 अक्तूबर 2025) के अनुसार दिल्ली में केवल NEERI-प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बेचे व चलाए जा सकेंगे वो भी 18 और 19 अक्तूबर को, सुबह 6–7 बजे और रात 8–10 बजे के बीच। ये ग्रीन पटाखे तय लाइसेंस प्राप्त स्थलों से लिए जा सकेंगे। केवल QR कोड वाले ग्रीन पटाखे मान्य होंगे। एमसीडी पटाखों की बिक्री के लिए जारी होने वाले लाइसेंस का वेरिफेकिशन कर रही। पटाखों पर क्यूआर कोड चिपकाने का काम निगमकर्मी ही कर रहे। अवैध स्टॉक जब्त होगा और उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई होगी। प्रवर्तन दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग और डीपीसीसी द्वारा पर्यावरण विभाग लगातार निगरानी में रहेगा।
MCD को लगता है कि पटाखों के कचरे पर तत्काल एक्शन से दीपावली के बाद वायु प्रदूषण को गंभीर स्तर पर पहुंचने से रोका जा सकता है। यही वजहा है कि MCD ने ये तैनाती का निर्णय लिया।
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