आज यानि गुरूवार (13 नवंबर) को दिल्ली नगर निगम साधारण सभा की बैठक में भारी हंगामा तब दिखा जब आप के पार्षदों ने प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा करानी चाही लेकिन नतीजा सिफर रहा।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में एक्यूआई लेवल 700 का आंकड़ा छू चुका है और हर चार में से तीन परिवार बीमार हैं। खांसी, जुकाम, वायरल फीवर, पेट दर्द, लूज मोशन जैसी समस्याएं हैं। प्लास्टिक के कण फेफड़ों में जा रहे हैं। औसतन हर दिल्लीवासी को रोज 15.5 सिगरेट के बराबर न चाहते हुए प्रदूषण झेलना पड़ रहा है। तिमारपुर जैसे इलाकों एक्यूआई लगातार 700 के पार बना हुआ है। यह वही वार्ड है, जहां से मेयर राजा इकबाल सिंह आते हैं।
नारंग ने मेयर राजा इकबाल सिंह को तुरंत इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि जो मेयर अपना इलाका साफ नहीं करवा सकता, जलभराव, बाढ़, प्रदूषण नहीं रोक सकता, उसे मेयर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी शर्म आनी चाहिए, जिन्होंने दिल्ली की भोली जनता को झूठे वादों में फंसाया। उन्होंने कहा था प्रदूषण नहीं होगा, लेकिन हो रहा है। जलभराव नहीं होगा, लेकिन जल भराव भी हो गया। बाढ़ नहीं आएगी, लेकिन बाढ़ आ गई। 2500 रुपये खाते में आएंगे, लेकिन नहीं आए। सिलेंडर सस्ता होगा, लेकिन नहीं हुआ। भाजपा का हर वादा झूठा निकला और इन्होंने दिल्ली की भोली-भाली जनता को छल लिया। चार इंजन की भाजपा सरकार का कोई फायदा नहीं है क्योंकि चारों इंजन फेल हो चुके हैं।
नारंग ने कहा कि भाजपा की चार इंजन की सरकार होने के बावजूद राजधानी की हवा में ज़हर घुलता जा रहा है, जनता दमघोंटू हवा में सांस लेने को मजबूर है, जहरीली हवा से बच्चे और बुज़ुर्ग बीमार हो रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार और एमसीडी प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।
जब आम आदमी पार्टी ने इस गंभीर मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग की, तो भाजपा मेयर राजा इकबाल सिंह ने जनता के सवालों से बचते हुए सदन स्थगित कर भागने में ही भलाई समझी।

पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर पूरे दिन वाटर स्प्रिंकलर चलते थे। एमसीडी में आम आदमी पार्टी के समय भी हर इलाके में स्प्रिंकलर घूमते थे, लेकिन इस बार नहीं देखने को मिल रहे हैं। अब ये सिर्फ एक्यूआई मॉनिटर्स के आगे पानी छिड़ककर, सफाई करवाकर फर्जी रीडिंग दिखाते हैं और डेटा में हेरफेर करते हैं।
नारंग ने कहा कि दिल्ली में फर्जी रिपोर्ट वाली सरकार आ गई है, जो मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू और प्रदूषण की फर्जी रिपोर्ट दिखाती है। जलभराव की भी झूठी रिपोर्ट देती है। आज प्रदूषण पर शॉर्ट नोटिस सदन में लगाया गया, लेकिन मेयर राजा इकबाल सिंह बात करने के बजाय सदन छोड़कर भाग गए।
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