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Motivation & Personality Development

#LifeLessons: “कभी टैलेंटेड गधा बनता है, कभी गधा टैलेंटेड। लेकिन जो खुद के साथ खड़ा रहता है, वही असली खिलाड़ी है!”

आश्रम फेम एक्टर बॉबी देओल का एक इंटरव्यू आंखे खोलने वाला लेकिन जीवन की सच्चाई दिखलाता है। एक इंटरव्यू में बॉबी ने कहा, “आप टैलेंटेड हो या नहीं लाइफ ईजी नहीं। कई case हैं, टैलेंटेड को काम नहीं मिल रहा। कुछ टैलेंटेड नहीं हैं फिर भी उनके पास काम ही काम है।। Bollywood में excuse नहीं है give up का। आप नहीं जानते कि आप के लिए क्या इंतजार कर रहा? यानि कई बार जीवन में परिस्थिति इतनी टफ हो जाती है कि टैलेंटेड खुद को गधा जैसे महसूस करने लगता है और कई बार गधा खुद को टैलेंटेड महसूस करता है। ऐसे में बॉबी की माने तो खुद के साथ खड़े रहो। तुम्हारी खुशी यानि सुख में जो तुमको ऊपर चढ़ा रहे वो बुरे वक्त में वो ना सिर्फ खींचेंगे बल्कि सबसे पहले भाग खड़े होंगे। खुद के साथ रहो। किसी के साथ अचानक एक्सीडेंट हो गया। अब जो होना था हो गया। बाकी को छोड़ो। अब क्या करोगे यही जीवन का असल खेल है। रूको नहीं। थको नहीं। चलते रहो। जीवन के साथ कदम मिलाकर न चल सको तो धीरे चल लो लेकिन चलो। अपने निजी अनुभव से एक बात जरूर कह सकता हूं कभी ये मत सोचना की तुम किसी काम का इंतजार कर रहे हो, हमेशा यह सोचो कि एक काम है जो तुम्हारा इंतजार कर रहा है। वो वक्त गया जब सिर्फ डे रूटीन होती थी अब नाइट का भी एक रूटीन बना लो यानि कब सोना है? कब जागना है? कब खाना है? किस वक्त सोकर उठना है।

याद रखिए कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकले तो पेन होगा। पेन लिया तभी कुछ वर्थ हासिल हुआ। अगर आप डॉक्टर हैं करोड़ों में खेल रहे या फिर बड़ा नाम है सोचिए ये तो पढ़ाई लिखाई के मेहनत वाली पेन से ही तो हासिल हुऊ है। यानि ये खास स्किल हासिल तब हुई जब आपको दर्द हुआ लेकिन वो वर्थ है आज कंफर्ट भले ही आपको मेंटेन और  प्रिजर्व करे। लेकिन रिग्रेट तो ज़िंदगी भर का हो जाएगा। किसी ने क्या खूब कहा है-Discomfort is Temporary But regret is Permanent

अंत में कहूंगा, खुद को Important समझेंगे तभी दूसरे भी आपको भाव देंगे। आत्ममुग्धता लेवल को पार ना करते हुए खुद के अलावा किसी और अपने से ज्यादा भाव मत दो। अपने फ्लैट में किसी को रहने दोगे क्या आप, आपका दिमाग भी फ्लैट से कम नही।

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