• ड्राफ्ट पॉलिसी जनसुझाव के लिए इंडस्ट्री विभाग की वेबसाइट पर जारी — सभी स्टेकहोल्डर्स 3 सितम्बर 2025 तक अपनी राय भेज सकते हैं
• दिल्ली सरकार बनाएगी ₹200 करोड़ का दिल्ली स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फण्ड ताकि शुरुआती चरण की फाइनेंसिंग को बढ़ावा मिले
• पॉलिसी का लक्ष्य 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स — हज़ारों नई नौकरियों और समावेशी विकास को बढ़ावा
• “इस पालिसी के रूप में लागू होगा दिल्ली को भारत की स्टार्टअप राजधानी बनाने का रोडमैप” – श्री मनजिंदर सिंह सिरसा, उद्योग मंत्री
• ऑफिस स्पेस रेंट, पेटेंट और एक्ज़िबिशन कॉस्ट पर 100% रीइम्बर्समेंट, साथ ही हर स्टार्टअप को ₹2 लाख महीना अलाउंस
• “इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन 2025 की सफलता ने दिखा दिया है कि दिल्ली का युवा आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए तैयार है। अब हमारी पॉलिसी उन्हें ग्लोबल स्केल पर पहुँचाने का काम करेगी,” श्री सिरसा ने कहा।
माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने स्टार्टअप पॉलिसी 2025 का ड्राफ्ट जारी किया है। यह एक ऐतिहासिक ब्लूप्रिंट है जिसमें ₹200 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड शामिल है, ताकि आने वाली उद्यमी पीढ़ी को मज़बूत किया जा सके और 2035 तक दिल्ली को एक ग्लोबल इनोवेशन हब बनाया जा सके।
“यह पॉलिसी दिल्ली में इनोवेशन और उद्यमशीलता के लिए एक नई सोच लेकर आई है,” उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा। “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में हम सिर्फ़ एक पालिसी नहीं बल्कि पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जो दिल्ली को दुनिया का सबसे पसंदीदा स्टार्टअप डेस्टिनेशन बनाएगा। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी जी की स्टार्टअप सुपरपावर और विकसित भारत के विज़न को मज़बूती देती है।”
₹200 करोड़ वेंचर फंड – आसान फाइनेंसिंग की शुरुआत
इस पॉलिसी के तहत दिल्ली सरकार ₹200 करोड़ का दिल्ली स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फण्ड बना रही है। इसके ज़रिये इक्विटी और स्ट्रक्चर्ड डेब्ट दोनों के माध्यम से नए वेंचर्स को फंड किया जाएगा और साथ ही प्राइवेट इन्वेस्टर्स को Co-Investment पार्टनरशिप में जोड़ा जाएगा।
18 फोकस क्षेत्रों में हेल्थकेयर, फिनटेक, AI, मशीन लर्निंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ई-वेस्ट मैनेजमेंट और हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकें शामिल हैं। इससे दिल्ली का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज और आने वाले कल की ज़रूरतों को पूरा करेगा।
व्यवसाय से जुड़े मुख्य ख़र्चों पर भी पूरा सहयोग मिलेगा —
• ऑफिस स्पेस रेंट पर 100% रीइम्बर्समेंट (तीन साल तक हर साल अधिकतम ₹10 लाख)
• पेटेंट के लिए ₹1 लाख (इंडिया) और ₹3 लाख (इंटरनेशनल) तक की सहायता
• एक्ज़िबिशन कॉस्ट पर ₹5 लाख (डोमेस्टिक) और ₹10 लाख (इंटरनेशनल) तक रीइम्बर्समेंट
• हर रजिस्टर्ड स्टार्टअप को 12 महीने तक ₹2 लाख प्रतिमाह ऑपरेशनल अलाउंस
“हमने पॉलिसी को इस तरह से डिज़ाइन किया है कि शुरुआती दौर की हर समस्या का समाधान हो,” मंत्री श्री सिरसा ने कहा।
महिला और सामाजिक समावेशन पर विशेष ध्यान
नीति के तहत महिलाओं और वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।
• महिला उद्यमियों को अतिरिक्त सीमा — ₹5.5 लाख (डोमेस्टिक) और ₹11 लाख (इंटरनेशनल) तक सहायता
• महिला उद्यमियों को इंडस्ट्री लीडर्स, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और लीगल एक्सपर्ट्स से क्यूरेटेड मेंटरशिप
“इनोवेशन का कोई लिंग या सामाजिक दायरा नहीं होता “हमारी पॉलिसी महिलाओं और पिछड़े समुदायों को विशेष बढ़ावा देगी।”
गवर्नेंस और सिंगल विंडो सिस्टम से होगी आसानी
इस पॉलिसी को लागू करने के लिए तीन संस्थाएं बनाई जाएँगी:
• स्टार्टअप पालिसी मॉनिटरिंग कमिटी (कमिश्नर ऑफ इंडस्ट्रीज़ की अध्यक्षता में)
• स्टार्टअप टास्क फोर्स(85% प्राइवेट सेक्टर एक्सपर्ट्स के साथ)
• दिल्ली स्टार्टअप पोर्टल — सिंगल विंडो एक्सेस, रजिस्ट्रेशन, इंसेंटिव, ग्रिवांस रीड्रेसल और KPI ट्रैकिंग
इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ज़ोर रहेगा — इनक्यूबेशन सेंटर्स, फैब्रिकेशंस लैब, को-वर्किंग और वर्चुअल इनक्यूबेशन नेटवर्क के ज़रिये स्टार्टअप्स को सभी आधुनिक सुविधाएँ सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएँगी।
इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन 2025 की मिसाल
हाल ही में इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन 2025 (DSIIDC और NSUT के सहयोग से) आयोजित किया गया। इसमें 2 लाख वेबसाइट इंप्रेशन, 1147 रजिस्ट्रेशन और 650 टीमों ने हिस्सा लिया। चार मुख्य सेक्टर्स में प्रतियोगिता हुई और 12 विजेता टीमों को लगभग ₹40 लाख के कैश प्राइज़ मिले।
“इस इवेंट में युवाओं का उत्साह साबित करता है कि दिल्ली का युवा इनोवेशन के लिए तैयार है,” मंत्री सरसा ने कहा।
10 साल का रोडमैप और ग्लोबल कनेक्टिविटी
पॉलिसी में 10 साल का ऑपरेशनल फ्रेमवर्क और समय-समय पर रिव्यू का प्रावधान है। इसके तहत —
• इंटरनेशनल साझेदारियां और मार्केट एक्सचेंज प्रोग्राम
• ग्लोबल इन्वेस्टर्स से कनेक्शन
• उद्यमियों और निवेशकों के लिए वार्षिक इवेंट्स
• विशेषज्ञों, CAs और इंडस्ट्री लीडर्स से Mentorship
“हम दिल्ली के स्टार्टअप्स को ग्लोबल यूनिकॉर्न्स बनते देखना चाहते हैं,” मंत्री सिरसा ने कहा।
Delhi Startup Policy 2025 राजधानी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पॉलिसी बड़े फाइनेंशियल सपोर्ट, वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और आसान रेगुलेटरी प्रोसेस के साथ एक ऐसा इकोसिस्टम बना रही है, जहाँ उद्यमियों के सपने पूरे हो सकें और भारत की आर्थिक वृद्धि में योगदान दें।
यह ड्राफ्ट पब्लिक कंसल्टेशन के लिए उपलब्ध है और 3 सितम्बर 2025 तक सभी स्टेकहोल्डर्स अपनी राय दे सकते हैं।

