DelhiCivicAlerts
Delhi Alerts

शिक्षा निदेशालय का आदेश: प्रवासी छात्रों के दस्तावेजों का होगा सख्त सत्यापन

दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का मुद्दा राजनीति की धुरी और बड़ा मुद्दा बन चुका है। एमसीडी के बाद, अब दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने सरकारी और निजी स्कूलों के लिए ‘बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों’ पर आदेश जारी किया है। यह निर्देश दिया गया है कि ऐसे प्रवासियों के अवैध प्रवेश को रोकने के लिए दस्तावेजों का सख्त सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

सरकार ने स्कूलों को स्पष्ट हिदायत दी है कि प्रवासी छात्रों को प्रवेश देते समय विस्तृत दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया का पालन करें। यदि कोई संदेह की स्थिति उत्पन्न होती है, तो ऐसे मामलों को तत्काल स्थानीय पुलिस थानों को भेजा जाए। इस कदम के माध्यम से शिक्षा विभाग सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को संजीदा चेतावनी दे रहा है। अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया है कि वे दिल्ली में भाजपा द्वारा रोहिंग्यों को बसाने की किसी भी योजना का विरोध करेंगे। केजरीवाल का आरोप है कि भाजपा, बांग्लादेश से रोहिंग्याओं को बॉर्डर पार करके दिल्ली में लाने का काम कर रही है, और दिल्ली के गरीबों के हक़ का दुरुपयोग कर रही है। इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली वालों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयासरत है और सुनिश्चित कर रही है कि इन अधिकारों का फायदा बाहरी लोगों को न हो।

आप का बीजेपी पर आरोप
भाजपा के पास न तो कोई विजन है, न ही कोई नीति और न ही दिल्ली के लिए कोई सीएम चेहरा। अब, उन्होंने सोनीपत और हरियाणा के अन्य हिस्सों से औद्योगिक अपशिष्ट को यमुना में बहाकर दिल्ली के लोगों को परेशान करने की एक नई योजना तैयार की है। इससे अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम से 5.4 पीपीएम तक खतरनाक रूप से बढ़ रहा है – जो सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक है। यमुना के बारे में अंतहीन व्याख्यान देने के बावजूद, वे इस औद्योगिक कचरे को क्यों नहीं रोक पा रहे हैं? पिछले दस सालों से हरियाणा में भाजपा सत्ता में है और फिर भी वे इस मुद्दे को संबोधित करने में असमर्थ हैं।

बीजेपी का आरोप
अगर दिल्ली के जल उपचार संयंत्र यमुनाः में अमोनिया स्तर को नियंत्रित करने में असमर्थ हैं, तो यह दिल्ली सरकार की नाकामी के कारण है, क्योंकि दिल्ली सरकार इन संयंत्रों को अपग्रेड करने में सक्षम नहीं है। – योगेंद्र चंदोलिया

दिल्ली बीजेपी के महासचिव एवं सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि दिल्ली सरकार के मंत्री अपनी सरकार की नाकामियों की जिम्मेदारी बीजेपी शासित पड़ोसी राज्यों पर डालने की आदत में हैं। उत्तर पश्चिम दिल्ली के सांसद ने कहा कि मंत्री सौरभ भारद्वाज द्वारा हरियाणा को अमोनिया स्तर बढ़ाने का दोषी ठहराने का बयान गलत और भ्रामक है। चंदोलिया ने कहा कि जैसे ही यमुनाः हरियाणा से दिल्ली में पल्‍ला से प्रवेश करती है और वजीराबाद तक पहुंचती है, पानी पूरी तरह से साफ होता है और यह वैधानिक नियमों के अनुसार होता है। दुर्भाग्यवश, 30 से अधिक अनियंत्रित नाले यमुनाः में गिरने से पानी अत्यधिक प्रदूषित हो जाता है। इसके अलावा, वजीराबाद जल उपचार संयंत्र में जल भंडारण तालाब में प्रदूषित बालू भी भरा हुआ है, जो जल उपचार संयंत्र में प्रवेश करने वाले पानी में अमोनिया जैसे प्रदूषकों को बढ़ा देता है। चंदोलिया ने कहा कि अगर दिल्ली के जल उपचार संयंत्र यमुनाः में अमोनिया स्तर को नियंत्रित करने में असमर्थ हैं, तो इसका कारण दिल्ली सरकार की विफलता है, क्योंकि वे इन संयंत्रों को अपग्रेड करने में असमर्थ हैं।

Related posts

Civic Synergy: Ghana Armed Forces Study Delhi’s Urban Model

delhicivicalerts

Delhi Metro Museum Opens Doors to Citizens, Inspiring Future Generations in Urban Transport

delhicivicalerts

तो भ्रष्टाचार से नाराज 8 ‘आप’ विधायकों ने ज्वाइन कर ली भाजपा

delhicivicalerts

Leave a Comment