DelhiCivicAlerts
सिविक सेंटर का ख़ूफ़िया कैमरा

गले की हड्डी बन गया ‘जूनियर’ अधिकारी

गले की हड्डी बनने की कहावत तो आप ने ज़रूर सुनी होगी जिसे ना उगलते बनता है ना ही निगलते, ऐसे में असहनीय दर्द होता है। लेकिन अगर दर्द भी आप किसी से कह ना पाएं तो फिर इस मर्ज की दवा क्या? दिल्ली नगर निगम में इन दिनों एक ऐसे ही अधिकारी की चर्चा है जो गले की हड्डी बन चुके हैं। दीवारों के कान होते हैं लिहाजा दबी जुबान में ही चर्चा है कि महाशय से मुक्ति कब? दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग से जुड़े मुख्यालय और जोनल कार्यालय के कुछ अधिकारियों ने दबी ज़ुबान में कहा “निगम शिक्षा विभाग के अधिकारी जो निदेशक शिक्षा की प्रमोशन पर बैठे हैं उन्हें निदेशक शिक्षा बनाकर निगम शिक्षा विभाग को अनुभवी निदेशक दिया जा सकता था, अब तक तो यही होता आ रहा था कि निगम शिक्षा विभाग से ही प्रमोशन देकर कई निदेशक भी बनाए गए । लेकिन निगम शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी का प्अरमोशन तो नही हुआ लेकिन अपने से जूनियर के नीचे काम करने को मजबूर हो गए। कहने लगे हैं कि उन्हें नीचा दिखाने की गरज से ऐसा हो रहा है। वो भी 3 साल से। दर्द तो बहुत है लेकिन वो कहें किससे? कह भी दें तो इलाज की कोई गारंटी नहीं। ये मर्ज बड़ा है।

Related posts

…जब कमिश्नर के सामने DC ने कहा, ” पार्षद और मेरी कॉल डिटेल निकालिए, MCD में नेता बनाम अधिकारी

delhicivicalerts

अपराध पता नहीं लगता, ईंट लगते ही कैसे पुलिस को पता चल जाता है?

delhicivicalerts

सिविक सेंटर का ख़ूफ़िया कैमरा-एमसीडी अफसरों की लालफीताशाही खत्म

delhicivicalerts

Leave a Comment