दिल्ली में PG हॉस्टलों पर एमसीडी का फिजिकल सर्वे दूसरे दिन भी जारी रहा। सत्य निकेतन हादसे के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई इस कार्रवाई में लक्ष्मी नगर और विश्वास नगर जैसे इलाकों में अवैध PG हॉस्टलों का स्ट्रक्चरल सर्वे किया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट के 7 सितंबर के आदेश के बाद एमसीडी ने सभी जोनों में PG हॉस्टलों का निरीक्षण शुरू किया है। रिपोर्ट 10 सितंबर तक तैयार कर कोर्ट में दाखिल की जाएगी।
सर्वे के दौरान एमसीडी कुल 12 बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है—जिनमें हॉस्टल का पता, मंजिलों और कमरों की संख्या, रहने वाले छात्रों का आंकड़ा, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट, DFS NOC, MPD के तहत गतिविधि की अनुमति, कन्वर्ज़न चार्जेज़ और निर्माण संबंधी उल्लंघन शामिल हैं।
एमसीडी ने साफ किया है कि उसके पास स्ट्रक्चरल ऑडिट की इन-हाउस सुविधा नहीं है, इसलिए रिपोर्ट में केवल निरीक्षण आधारित तथ्य शामिल होंगे।
दूसरे दिन लक्ष्मी नगर और विश्वास नगर में एमसीडी की टीमें अवैध PG हॉस्टलों का स्ट्रक्चरल सर्वे करने पहुंचीं। यह कार्रवाई छात्रों की सुरक्षा और भवनों की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
एमसीडी के सर्वे में कुल 12 अहम पहलुओं पर जानकारी इकट्ठी की जा रही है। इसमें हॉस्टल का पूरा पता, सड़क की चौड़ाई (ROW), इमारत की मंज़िलों और कमरों की संख्या, वहां रहने वाले छात्रों का आंकड़ा, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी, कंप्लीशन या रेगुलराइजेशन की स्थिति, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट, DFS से मिली NOC, मास्टर प्लान दिल्ली (MPD) के तहत गतिविधि की अनुमति, कन्वर्ज़न चार्जेज़ और किसी भी तरह के निर्माण उल्लंघन की जानकारी शामिल है।
एमसीडी का कहना है कि PG हॉस्टलों की अनुमानित संख्या का डेटा सर्वे के बाद ही मिल सकेगा।
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