सत्य निकेतन इमारत गिरने की घटना में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इमारत का स्वामित्व उर्मिला (हरिराम की पत्नी) के नाम पर था, जबकि बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम से था। उनका बेटा महेश बिल्डिंग मैनेजमेंट का काम देखता था। हरिराम के नाम पर दो मंज़िलों का बिजली कनेक्शन है। वे भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट हैं। महेश हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाते हैं और उनके दो बच्चे हैं।
इसके अतिरिक्त, पीजी ऑपरेटरों और मज़दूर ठेकेदार की भी तलाश की जा रही है। मामले में उनकी भूमिका की जांच की जाएगी और तदनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सभी आरोपियों को भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया। साउथ-वेस्ट एडिशनल डीसीपी अभिमन्यु पोशवाल ने बताया कि आरोपियों ने स्वीकार किया कि बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य के कारण इमारत गिरी। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के बयान से भी इस तथ्य की पुष्टि हुई।
रेस्क्यू ऑपरेशन कल दोपहर 1:30 बजे शुरू हुआ और आज शाम 5 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें से 7 लोगों की मौत हो गई।
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