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सख्ती हुई तो स्पा ऐसे कर रहे ऑपरेट। पढ़िए

दिल्ली भर में यूं तो स्पा सेंटरों की बाढ़ आई हुई है पर दक्षिण दिल्ली में लाजपत नगर, कालकाजी, डिफेंस कालोनी, साऊथ एक्सटेंशन, कोटला मुबरकपुर, साकेत, मालवीय नगर आदि में तो पूर्वी दिल्ली में लक्ष्मी नगर से विज्ञानलोक तक ये जाल फैला है। पश्चिम दिल्ली एवं उत्तर दिल्ली में ये अवैध स्पा धड़ल्ले से चल रहे हैं

सूत्रों के अनुसार इनमे से अधिकांश स्पा सेंटर किराये की जगह से चलते हैं तो मार्किट क्षेत्रों के ऊंचे किराये से बचने के लिए अब यह रिहाइशी इलाकों में बिल्डिंग का फ्लोर किराये पर लेकर अवैध रूप से चलते हैं।

दिल्ली के रिहायशी इलाकों के बीच खुलते स्पा सेंटर और भवनों पर लगने वाले उनके बड़े बड़े न्यून बोर्ड महिलाओं के लिए समस्या का सबब बन रहे हैं

गत 2 साल में दिल्ली नगर निगम की लापरवाही से दिल्ली के मुख्य बाजारों के साथ ही रिहायशी इलाकों में तेज़ी से खुलते जा रहे स्पा सेंटरों को लेकर दिल्ली भर में आर.डबलू.ए. के साथ ही रिहायशी कॉलोनियों में रहने वाली महिलाओं के लिए भी समस्या का कारण बन गया है।

कुछ वर्ष पूर्व तक यह स्पा सेंटर कुछ कमर्शियल सड़कों एवं मार्किटों तक सीमित थे पर इधर कुछ दो वर्ष में इन सपा सेंटरों ने दिल्ली के रिहाइशी इलाकों में भी पैर पसारे हैं जिसके बाद कस्तूरबा नगर जैसी विधानसभा के कुछ भागों में तो स्थानीय महिलाओं का घर से निकलना भी दूभर हो गया है। यह स्पा सेंटर सामान्य महिलाओं की समस्या का सबब बन गये हैं।

दिल्ली मास्टर प्लान नियमों के अनुसार कनवर्जन चार्ज देकर भी रिहायशी इलाकों के भवनों में स्पा सेंटर नही खोले जा सकते हैं।

दिल्ली के अधिकांश स्पा सेंटर अवैध हैं या महिला फ़ैशन पार्लर के रूप में पंजीकृत हैं पर चल कुछ और ही रहा है।

कई कॉलोनी में तो दस दस ऐसे स्पा सेंटर खुल गये हैं जिनका आर.डब्लू.ए. एवं स्थानीय महिलाएं विरोध करती हैं क्योंकि इनके कारण महिलाओं का घर से निकलना दूभर हो गया है।

दिल्ली नगर निगम एवं दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग तो इन पर सोते रहते हैं पर दिल्ली पुलिस जरूर समय समय पर इनके माध्यम से चलने वाली काली गतिविधयों को रोकती रही है।

इन स्पा सेंटरों को वैध दिखाने के लिए इनको चलाने वाले बिल्डिंग के बाहर बड़े बड़े न्यून साइनबोर्ड लगा कर लोगों को खासकर युवाओं को आकृष्ट करते हैं।

दिल्ली नगर निगम के के शाप अधिनियमों के अनुसार किसी भी दुकान या आफिस पर न्यून साइनबोर्ड नही लग सकता है और केवल एक 6×4 का एक रंग का स्टैंडर्ड बोर्ड ही लगाया जा सकता है।

कस्तूरबा नगर विधायक नीरज बसोया ने इस समस्या को उठाया जिसके बाद दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने दिल्ली नगर निगम आयुक्त अश्वनी कुमार से सबसे पहले इन स्पा सेंटरों पर लगे अवैध न्यून साइनबोर्ड हटवाने का अनुरोध किया।

निगमायुक्त के आदेश के बाद मध्य क्षेत्रीय निगम उपायुक्त एवं लाइसेंस एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने संयुक्त सर्वे किया तो मंगलवार 11 मार्च को अकेले लाजपत नगर 1 के दो ब्लाकों ए एवं बी में अवैध 14 स्पा सेंटरों के लाल नीले पीले बोर्ड हटवाये।

कपूर ने ने निगमायुक्त का आभार प्रकट करते हुए स्पा सेंटरों पर लगे न्यून साइन बोर्ड हटाने का अभियान चारो ओर चलाने का अनुरोध किया है।

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