17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली सरकार 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाएगी जिसमें करोड़ों रुपये की लागत से 75 योजनाओं की शुरुआत होगी। 17 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह त्यागराज स्टेडियम में 15 बड़ी योजनाओं की शुरुआत करेंगे, इनमें कॉलेज जाने वाली दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए अटल दृष्टि छात्रावास, बौद्धिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए अटल आशा गृह और सीनियर सिटिजन के लिए सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह शामिल हैं।
अटल दृष्टि छात्रावास: दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए सुरक्षित व आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के करीब तिमारपुर में निर्मित अटल दृष्टि छात्रावास राजधानी की उच्च शिक्षा संस्थाओं में पढ़ने आने वाली दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए एक अनूठी पहल है। करीब 13.42 करोड़ रुपये की लागत से 3703.43 वर्गमीटर भू-क्षेत्र में बने इस छात्रावास का निर्मित क्षेत्रफल 975 वर्गमीटर है, जिसमें ग्राउंड+3 मंजिल शामिल हैं। इसकी कुल क्षमता 96 छात्राओं की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस छात्रावास को विशेष रूप से सुगम्यता और आराम सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें बाधा-मुक्त बुनियादी ढांचा, सहायक की मदद और शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं शामिल हैं। यह युवा महिलाओं को सम्मान, स्वतंत्रता और आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने में सक्षम बनाती हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का है कि दृष्टिबाधित छात्राओं के सामने सबसे बड़ी समस्या सुरक्षित आवास की होती है। यह छात्रावास उस कमी को पूरा करेगा और उन्हें गरिमा व आत्मनिर्भरता के साथ पढ़ाई करने का अवसर देगा। यह पहल समावेशी शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और एक ऐसे समाज के निर्माण के दृष्टिकोण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रतिबिंब है, जहां दिव्यांग व्यक्ति आत्मनिर्भर और संतुष्ट जीवन जी सकें।
अटल आशा गृह: बौद्धिक रूप से अक्षम लोगों के लिए आशा और आत्मनिर्भरता का केंद्र
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि बाहरी दिल्ली स्थित नरेला में निर्मित अटल आशा गृह बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए देश में एक मिसाल है। करीब 40.60 करोड़ रुपये की लागत से 12,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस आवासीय संस्थान का निर्माण क्षेत्रफल 1719.55 वर्गमीटर है, जिसमें ग्राउंड+3 मंजिल शामिल हैं। इसकी क्षमता 220 लोगों के रहने की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह गृह केवल आवासीय सुविधा नहीं है, बल्कि पुनर्वास, देखभाल और प्रशिक्षण का एक केंद्र है। यहां रहने वाले लोगों को संतुलित भोजन, वस्त्र, नियमित स्वास्थ्य जांच, शिक्षा, प्रशिक्षण, खेलकूद, सांस्कृतिक व मनोरंजन गतिविधियों की सुविधा दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि बौद्धिक रूप से अक्षम व्यक्ति समाज में आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और गरिमामय जीवन जी सकें। उनका यह भी कहना है कि अटल आशा गृह हमारी उस संवेदनशील सोच का प्रतीक है, जिसमें हम समाज के सबसे कमजोर वर्ग को भी मुख्यधारा से जोड़ना चाहते हैं। यह पहल उन्हें सुरक्षा, देखभाल और अवसर देने के साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी।
सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि राजधानी के बुजुर्ग नागरिकों को सम्मानजक जीवन व्यतीत करने के लिए भी उनकी सरकार प्रतिबद्ध है। इस कड़ी में पश्चिम विहार में 10.64 करोड़ रुपये की लागत से सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह का निर्माण किया गया है। 2257 वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस गृह का निर्माण क्षेत्रफल 510 वर्गमीटर है, जिसमें स्टिल्ट+ अपर ग्राउंड+ 4 मंजिले हैं। इसकी क्षमता 96 निवासियों की है। यह गृह वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित, आरामदायक और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करेगा। इसमें चिकित्सा सुविधा, पौष्टिक आहार, स्वच्छ आवास, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस गृह का नामकरण भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के नाम पर किया गया है, जिन्होंने बाल विवाह और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के साथ-साथ दिल्ली सरकार भी समाज के कमजोर वर्गों के लिए ठोस पहल कर रही हैं। प्रधानमंत्री का सपना है ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’। हमारी सरकार इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए हर उस वर्ग के लिए योजनाएं बना रही है, जिन्हें अब तक उपेक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुरू की जा रही योजनाएं दिल्ली को न केवल बुनियादी सुविधाओं से सशक्त करेंगी, बल्कि इसे समावेशी, संवेदनशील और विकसित राजधानी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगी।
अटल दृष्टि छात्रावास और अटल आशा गृह का नामकरण भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति को समर्पित है।

