पटाखों के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाने के बाद सरकार ने संकेत दिए हैं कि वो सीलिंग के मामले में व्यापारियों को राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी जान होगा तो जायेगी।
ये संकेत तब मिला जा चाँदनी चौक में हुई सीलिंग के मुद्दे को लेकर सांसद प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता से मिला।

प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली हिन्दुस्तानी मार्केनटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश सचदेवा, महासचिव भगवान बंसल, दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर, चाँदनी चौक भाजपा अध्यक्ष अरविंद गर्ग, भाजपा नेता गोपाल गर्ग, व्यपारी नेता सुभाष गोयल एवं अभिषेक गणेरिवाल आदि शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद मामले की गम्भीरता को समझते हुए आज शनिवार होने के बावजूद मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जिसमे दिल्ली के मुख्य सचिव एवं दिल्ली नगर निगम आयुक्त एवं वरिष्ठ निगम अधिकारियों के साथ ही सांसद प्रवीन खंडेलवाल आदि भाजपा नेता भी शामिल हुए।

सांसद प्रवीन खंडेलवाल एवं प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्य मंत्री को अवगत कराया की चांदनी चौक एक पूर्ण व्यापारिक क्षेत्र है और एक व्यक्ति विशेष के कारण एक दुखद स्थिती बनी है जिसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर कुछ दुकानों की सीलिंग हुई हैं।
उन्होने अनुरोध किया की दिल्ली नगर निगम के साथ ही दिल्ली सरकार भी व्यापारियों का पक्ष रखे और न्यायालय को बताये की यह एक मास्टर प्लान के अंतर्गत कानूनी व्यपारिक क्षेत्र है।
मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता ने उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव एवं निगमायुक्त को निर्देश दिया की वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय को बतायें की 1962 के पहले दिल्ली मास्टर प्लान से ही चाँदनी चौक एक स्वीकृत व्यपारिक क्षेत्र है और दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के अनुसार यह के अधिकांश बाजार एवं गलियां पूरी तरह कामर्शियल या मिक्स लैंड उपयोग पंजीकृत हैं अतः यहां सीलिंग करना उचित नही है।
मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता ने चाँदनी चौक ही नही पूरी दिल्ली के व्यापारियों को आश्वस्त किया है की ना सिर्फ दिल्ली नगर निगम बल्कि दिल्ली सरकार एवं केंद्र सरकार भी सर्वोच्च न्यायालय में व्यापारियों के हित जरूरत पड़ने पर जायेगी।

