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#CloudSeedingDelhi: बारिश नहीं हुई, फिर भी हवा साफ कैसे हुई? दिल्ली के बादलों में छुपी है अगली उम्मीद—जानिए कब फिर उड़ेंगे क्लाउड सीडिंग के जहाज़!

क्लाउड सीडिंग से दिल्ली में बारिश तो नहीं हुई लेकिन सरकारी दावे में पॉल्युटेंट्स में कमी का दावा कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि अगला ट्रायल कब होगा? जवाब जानने के लिए हमने एक्सपर्ट से बात की तो पता चला कि दिल्ली के बादलो में छुपी नमी का स्तर 20 से 25 प्रतिशत से ज्यादा होगा तब ट्रायल में बारिश होने की संभावना बनेगी। सामान्य रूप से दिल्ली के बादलों में अक्टूबर-नवंबर में नमी सिर्फ 15 फीसदी तक ही पहुंच पाती है।

सरकार ने बताया कि क्लाउड सीडिंग ट्रायल में मयूर विहार और बुराड़ी जैसे इलाकों में पार्टिकुलेट मैटर (PM10) में 41.9% तक की गिरावट दर्ज हुई और AQI स्तर में बहुत सुधार हुआ।

“विज्ञान-आधारित नीति दिल्ली के स्वच्छ हवा मिशन की असली ताकत है। कम नमी के बावजूद ट्रायल के नतीजे उत्साहित करने वाले हैं। लेकिन हमारा ध्यान सिर्फ एक उपाय पर नहीं—हम तकनीक और नागरिक सहभागिता दोनों को साथ लेकर चल रहे हैं ताकि लोगों को वास्तविक सुधार मिल सके। आने वाले दिनों में मौसम और नमी की स्थिति के अनुसार अगला क्लाउड सीडिंग ट्रायल किया जाएगा। दिल्ली सरकार वैज्ञानिक नवाचार और ज़मीनी कार्यवाही—दोनों को साथ लेकर साफ हवा की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मनजिंदर सिंह सिरसा,पर्यावरण मंत्री, दिल्ली सरकार

आंकड़ो में बीते 24 घंटे में सिविक एक्शन:

•   12,017 मीट्रिक टन कचरा शहर से हटाया गया

•   2,970 किलोमीटर सड़कों की मैकेनिकल सफाई, 772.64 किलोलीटर पानी से डस्ट कंट्रोल

•   2,455 मीट्रिक टन निर्माण एवं ध्वंस (C&D) मलबा एक दिन में उठाया गया

•   92 पर्यावरण उल्लंघनों पर चालान, ₹27.59 लाख का जुर्माना लगाया गया

•   10,253 से अधिक वाहन प्रदूषण चालान जारी, पराली और अपशिष्ट जलाने पर रोक

•   173 बड़े C&D साइट (≥ 500 वर्गमीटर) और 213 छोटे C&D साइट (<500 वर्गमीटर) का निरीक्षण किया गया

•   188 इंटर-स्टेट बसों की दिल्ली बॉर्डर पर जांच

•   311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप, SAMEER ऐप और सोशल मीडिया के माध्यम से आई 68 शिकायतों में से 203 शिकायतों का निपटारा किया गया

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