इन दिनों सिविक मुख्यालय सिविक सेंटर में एक वीडियो चर्चा की विषय बना हुआ है। आज जब उसका एक हिस्सा आम हुआ तो कईयों ने दातों तले उंगली दबा ली। दूसरे वीडियो में पुलिस पर काफी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस को रोल पर सबकी नजर है क्योंकि अनोखा जो हुआ
पुलिस पर अक्सर आरोप लगते हैं की वो वारदात के बाद पहुँचती है. लेकिन, पुलिस की मौजूदगी मे ही वारदात हो जाए तो क्या कहें?
शाहदरा नार्थ जोन चेयरमैन पंकज लूथरा के ऑफिस मे पुलिस की मौजूदगी मे वकीलों और कांग्रेस पार्षद हाज़ी शरीफ के बीच फर्नीचर वार हुआ तो पुलिस मूकदर्शक क्यों बनी रही.
पूरे सिविक सेंटर में दबी जुबान मे चर्चा है की कही पुलिस पहले से मौजूद तो नहीं रही? ज़ाहिर है किसी ने बुलाया होगा? किसने बुलाया? पंकज लूथरा? हाज़ी शरीफ या फिर वक़ीलों ने?
फर्नीचर वार के पहले ही पुलिस मौजूद थी? बाद में पहुंची? या फिर पुलिस की मौजूदगी में ही हाज़ी शरीफ, वकीलों और लूथरा के बीच किसी मसले को लेकर हो रहा “समझौता” अचानक से हिंसा में बदल गया? जितनें मुंह उतनी बातें?
लेकिन सबसे ख़ास वो वजह है जिसे लेकर ऐसी हिंसा देखने को मिली। वो बात क्या थी जिसने हिंसा का इतना बड़ा रूप ले लिया। वीडियो में इतना गुस्सा दिखा कि बीच-बचान नहीं हुआ होता तो मौका-ए-वारदात पर कुछ और ही होता. वीडियो को दूसरा पार्ट यहां देखें–

