दिल्ली नगर निगम शिक्षा विभाग ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेंट्रल ज़ोन और साउथ ज़ोन में मिड डे मील संचालित करने वाले राव रघुबीर संस्थान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी 21 नवंबर 2025 को किचनों में कई गंभीर कमियाँ और नियमों का उल्लंघन पाया। ये हाल तब है जब Additional Commissioner ने खुद 01 नवंबर 2025 को Central Zone की किचन का निरीक्षण किया था उसके तीन हफ्ते भी पूरे नहीं हुए और शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी के निरीक्षण के दौरान भारी कमियाँ निकली और निरीक्षण में पाया गया कि सेंट्रल ज़ोन में किचन से 1 किलोमीटर के भीतर FCI गोदाम होना चाहिए था, लेकिन गोदाम नियमों के विपरीत लगभग 8 किलोमीटर दूर संचालित हो रहा है।
स्वच्छता मानकों की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई, क्योंकि दोनों किचनों में फ्लाई कैचर कार्यरत नहीं थे और तेल अवशेषों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक ऑयल कैचर/ऑयल ट्रैप की कोई व्यवस्था मौजूद नहीं थी। इसके अलावा FCI स्टॉक रजिस्टर में दर्ज सामग्री वास्तविक रूप से उपलब्ध नहीं मिली, जो रिकॉर्ड और स्टॉक प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ी को दर्शाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि किचन में बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन में एक्सपायर्ड सूजी का उपयोग किया जा रहा था, जो विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है।
Additional Commissioner ने खुद 01 नवंबर 2025 को Central Zone की किचन का निरीक्षण किया था उसके तीन हफ्ते भी पूरे नहीं हुए और शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी के निरीक्षण के दौरान भारी कमियाँ निकली। अमित खरखड़ी ने इसके शिक्षा समिति अध्यक्ष योगेश वर्मा को इसकी जाँच कराने व उचित कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखा है।

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डिप्टी डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन (MCD) Central Zone ने इन सभी अनियमितताओं को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संस्थान को नोटिस जारी किया है और निर्धारित समय सीमा में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुबंध समाप्त करना, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और मिड डे मील प्रणाली में व्यापक सुधार शामिल हो सकते हैं।
शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी ने कहा कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि मिड डे मील प्रणाली को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए नियमित निरीक्षण और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बच्चों के भोजन से जुड़े सभी किचनों का दोबारा गहन निरीक्षण किया जाएगा और जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा समिति अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि मिड डे मील बहुत ही प्राथमिकता का विषय है व इस विषय में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिल्ली नगर निगम शिक्षा समिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि मिड डे मील जैसे संवेदनशील कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या ग़ैरक़ानूनी गतिविधि को पूरी सख़्ती से निपटाया जाएगा, ताकि बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
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