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गांव, गोबर, गैस के बाद अब यमुना की बारी….बन गई 4000 करोड़ रुपए की परियोजना

7 महीनों में ही दिल्ली सरकार ने अलग-अलग योजना और परियोजना को लेकर उद्घाटन और लोकार्पण किया अब बारी है यमुना सफाई की। ख़बर है कि यमुना मैया की सफाई के लिए 30 सितम्बर को देश के गृहमंत्री अमित शाह 4000 करोड़ रुपए की परियोजना का उद्घाटन करेंगे। खुद सीएम रेखा गुप्ता ने घोघा डेयरी में गोबर गैस संयत्र के उद्घाटन पर इसके बारे में बताया।

राजधानी दिल्ली में गांवों को दिल्ली देहात कहा जाता है। लाखों की संख्या में पशुधन हैं। सैंकड़ों टन गोबर पैदा होता है। जबकि दिल्ली में एक भी गोबर गैस संयंत्र नहीं था। नई सरकार ने पशुधन के गोबर से पशुपालकों को धन मिलने के साथ ही गोबर संयंत्र से मिलने वाली बिजली वितरण का भी प्रबंध उसी इलाके में कर दिया। हाल ही में नंगली डेयरी में 200 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला गोबर गैस संयंत्र लगाया गया। रेखा गुप्ता ने कहा कि गांव बेहतर हों, चौपाल सुंदर बनें, गांवों में पार्क, सड़क, स्कूल हों और इन फाइलों को मंजूरी मैं दूंगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने गांवों के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

दिल्ली को कूड़ा मुक्त करने के लिए कहीं गोबर गैस संयंत्र, गीले कूड़े का संयंत्र, सूखे कूड़े का संयंत्र, वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र जहां कूड़े से बिजली बनती है लगाए जा रहे हैं। ई-वेस्ट के निस्तारण के लिए अत्याधुनिक ई-वेस्ट संयंत्र लगाया जा रहा है। बायोगैस संयंत्र में गोबर से गैस बनेगी। घरों से निकलने वाले कूड़े से गैस बनेगी। अगर सोर्स पर ही कूड़े का निस्तारण हो गया तो किसी इलाके के ढ़लावघर में कूड़ा नहीं दिखेगा। यानि आपके इलाके के कूड़े से आपकी गाड़ी चलेगी। यानि आपका कूड़ा हटाकर, आपको साफ बिजली, साफ गैस मिलेगी। दिल्ली में पहली बार जहां गैस का उत्पादन होगा वहीं उसका वितरण भी होगा।

70 विधानसभाओं में लगेंगे ऐसे संयंत्र

1000 सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाकर 55 मेगावाट बिजली बनेगी। हरित ऊर्जा की तकनीक लगाने के लिए कंपनियों को लाया जा रहा है।

सांसद योगेन्द्र चांदोलिया ने कहा कि पहले हरियाणा से लोग दिल्ली की तरफ जाते थे तो कूड़े के पहाड़ देखते थे लेकिन अब देखते हैं कि कूड़ा कम  हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संयंत्र सारी दिल्ली में लगा दिए जाएं तो कचरे की समस्या का निदान हो जाएगा।

घोघा डेयरी में 100 टन प्रतिदिन क्षमता वाले संयंत्र की जमीन दिल्ली नगर निगम ने दी। लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत आई जिसे इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दी है। संयंत्र को चलाने की जिम्मेदारी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की होगी। गैस आई.जी.एल ही बेचेगा। और गैस स्टेशन लगाएगा। अत्याधुनिक संयंत्र पूरी तरह से ऑटोमेटेड यानि स्वचालित है जिसमें ठोस कचरे का पृथक्करण (Segregation) होगा। आई.जी.एल गाजीपुर में एक संयंत्र लगाएगी ओखला में भी आई.जी.एल संयत्र बनाएगा। हर रोज़ जितना भी कूड़ा उत्पन्न होता है उसके निस्तारण के लिए और भी संयंत्र लगेंगे ताकि लैंडफिल साइटों पर कूड़ा ना पहुंचे।

एमसीडी कमिश्नर अश्वनी कुमार ने कहा कि कूड़े के उत्पादन और निस्तारण के अंतर को खत्म करना है। एक के बाद एक संयंत्रों के उद्घाटन के बाद से उम्मीद करता हूं कि कूड़े की समस्या खत्म हो जाएगी। कहा कि पिछले कुछ दिन दिल्ली के ठोस कचरा प्रबंधन के लिए काफी अच्छे रहे हैं।

अमित शाह ने 17 सितंबर को घोघा के वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र का उद्घाटन किया जिसमें प्रतिदिन 3000 टन कूड़े से 30 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। अगले साल 2 अक्टूबर तक भलस्वा लैंडफिल साइट पर स्थित कूड़े का पहाड़ दिखाई नहीं देगा।

 

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