कोरोना काल में आनंद विहार बस अड्डे पर बस लगवाने वाले और केजरीवाल के साथ काम कर चुके IAS अब रेखा गुप्ता के साथ काम करेंगे।
साल 2020 कोरोना महामारी का वक्त हर किसी के ज़ेहन में बुरी याद बन चुका है। तत्कालीन IAS अधिकारी राजीव वर्मा दिल्ली सरकार में प्रधान सचिव (वित्त) के पद पर तैनात थे। सोशल डिसेटेंसिंग का नियम टूटा और सैकड़ों लोग आंनंद विहार बस अड्डे पर ज़मा हो गए। केंद्र नाराज़ हुआ और तब की अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) रेणु शर्मा के साथ गाज़ IAS अधिकारी राजीव वर्मा पर भी गिरी। हालांकि ये निलंबन कुछ महीनों तक ही रहा, फिर बहाली हो गई। तब के निलंबित रहे और केजरीवाल शासन में काम कर चुके IAS अधिकारी राजीव वर्मा अब दिल्ली के सबसे बड़े प्रशासनिक मुखिया यानि चीफ सेक्रटरी होंगे। कल यानि 30 सितंबर को करेंगे मुख्य सचिव धर्मेंद्र रिटायर (सेवानिवृत्त) हो जाएंगे। 1 अक्टूबर को राजीव वर्मा सीएस का चार्ज लेंगे।
कमाल देखिए आज भी सार्वजनिक मंचों से बीजेपी केजरीवाल को यूपी-बिहार के लोगों को महामारी के वक्त जबरदस्ती दिल्ली से बाहर भेजने के लिए इल्जाम लगाती रहती है।

राजीव वर्मा का प्रोफाइल स्टेटमेंट
दो दशकों से अधिक समय तक भारत सरकार और अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक नेतृत्व का जिम्मा राजीव वर्मा के जिम्मे रहा। नीति बनाना, शहरी विकास, वित्तीय प्रबंधन, रक्षा प्रशासन और सार्वजनिक परिवहन जैसे संवंदनशील विभागों में रहे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से लेकर चंडीगढ़ तक कई संभालने वाली जिम्मेदारियों पर एक नज़र-
प्रमुख जिम्मेदारियाँ:
- वर्तमान में प्रशासक के सलाहकार, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ (2024 – वर्तमान)
- पूर्व में प्रशासक के सलाहकार, चंडीगढ़ (2022 – 2024)
- प्रमुख सचिव एवं आयुक्त, वित्त/राजस्व, नई दिल्ली (2018 – 2022)
- प्रधान आयुक्त, आवास एवं शहरी मामले, दिल्ली विकास प्राधिकरण (2017 – 2018)
- संयुक्त सचिव, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार (2013 – 2017)
- अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, दिल्ली परिवहन निगम (2012 – 2013)
- सचिव, दिल्ली और गोवा एनसीआर में विभिन्न प्रशासनिक भूमिकाएँ (2000 – 2011)

