नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव 2026 अब केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को जोड़ने वाला उत्सव बन गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को इस महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि पतंगोत्सव को दिल्ली से जोड़कर पूरे देश का उत्सव बनाया जाएगा। उन्होंने इसके लिए एक विशेष समिति गठित करने का सुझाव दिया, ताकि यह आयोजन आने वाले वर्षों में दुनिया के प्रमुख पतंगोत्सवों में शामिल हो सके।
शाह ने इस अवसर पर बाँसेरा उद्यान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थान देश के अलग-अलग किस्मों के बाँस से सुसज्जित है और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। यहाँ पतंगों का इतिहास और आज़ादी के आंदोलन में उनका योगदान भी प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि साइमन कमीशन के विरोध में भारतीयों ने ‘Simon Go Back’ लिखी पतंगें उड़ाकर आकाश को भर दिया था।
गृह मंत्री ने मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू और उत्तरायण की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व सूर्य भगवान की ऊर्जा का स्वागत है और भारत की विविधता में एकता का प्रतीक है। उन्होंने इसे “एक भारत, श्रेष्ठ भारत का प्रत्यक्ष उदाहरण” बताया।
सोमनाथ स्वाभिमान वर्ष का नया अध्याय
अमित शाह ने अपने संबोधन में हाल ही में मनाए गए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति की अजर-अमरता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान वर्ष मनाया जाएगा। सोमनाथ मंदिर पर 16 बार हमले हुए, लेकिन हर बार इसे पुनः निर्मित किया गया। यह इस बात का प्रमाण है कि निर्माण करने वालों की शक्ति विध्वंस करने वालों से कहीं अधिक होती है।

कार्यक्रम में दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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