दिल्ली में अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय ना होने के चलते कई हाई कोर्ट भी खिंचाई कर चुका है। ऐसा पहली बार होगा जब एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस जैसी एजेंसियां और अन्य एजेंसियां सभी मिलकर दिल्ली को कूड़े से आज़ादी दिलाने के अभियान में जुटेंगी। ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी- स्वच्छता अभियान’ 1 से 31 अगस्त 2025 तक चलेगा।
दिल्ली के सिविक मुख्यालय में आधिकारिक तौर पर इसका आगाज़ करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा हम दिल्ली के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिख रहे हैं। पहली बार, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस जैसी एजेंसियां और अन्य एजेंसियां पूर्ण समन्वय के साथ मिलकर काम कर रही हैं। प्रत्येक नागरिक को इस अभियान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के पहले दो दिन स्कूलों, अस्पतालों और कार्यालयों में लंबित कामों पर फोकस होगा। हर शनिवार और रविवार को, अनधिकृत कॉलोनियों और जेजे क्लस्टरों पर ध्यान होगा। यमुना घाटों पर 14, 21 और 28 अगस्त को विशेष सफाई अभियान चलेगा। रिंग रोड की सफाई 29 और 31 अगस्त को की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस अभियान के लिए एमसीडी को ₹5 करोड़ आवंटित किए गए हैं। खास प्रदर्शन करने वाली रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को ₹25 लाख, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली को ₹15 लाख और ₹10 लाख सहित कई प्रोत्साहन राशि की भी घोषणा की।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने ज़ोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल वीआईपी ज़ोन तक सीमित नहीं होनी दिल्ली की असली आत्मा जेजे क्लस्टर्स और अनधिकृत कॉलोनियों में बसती है। दशकों से, ये इलाके स्वच्छता और सम्मान से वंचित थे – मानो यह अमीरों का विशेषाधिकार हो। यह अभियान आदर्श शहर बनाने का आह्वान है।
दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने कहा ये केवल स्वच्छता अभियान नहीं है; यह दिल्ली को एक सुंदर, स्वस्थ और गरिमापूर्ण राजधानी के रूप में स्थापित करने का एक सामूहिक प्रयास है।

