दिल्ली के विकास इंजीनियर्स का महत्व कितना है इसकी बानगी इंजीनियर्स डे पर दिखी जब खुद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सैकड़ों इंजीनियर्स की मौजूदगी में इंजीनियरिंग की पावर यानी शक्ति बताई।
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इनोवेशन और स्किल डेवेलपमेंट योजनाओं पर काम कर रही है, ताकि युवा इंजीनियरों को अवसर मिले और दिल्ली देश की प्रगति का मार्गदर्शक बने।
दिल्ली और देश का भविष्य इंजीनियर्स की मेहनत, क्रिएटिविटी और प्रतिबद्धता पर टिका है।
इंजीनियर किसी भी शहर की रफ्तार और पहचान होते हैं। दिल्ली में 27 वर्षों से अटके हुए कई प्रोजेक्ट्स को पूरा करना अब हमारी साझा जिम्मेदारी है। चाहे नई सड़कों का निर्माण हो, अस्पतालों और कॉलेजों की आधुनिक बिल्डिंग्स, फ्लाईओवर, आईएसबीटी, ऑडिटोरियम या नई तकनीक से लैस इन्फ्रास्ट्रक्चर हर काम तभी संभव होगा जब इंजीनियर्स अपने पूरे मनोबल और रचनात्मकता से आगे बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंजीनियरिंग की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि देश के इंजीनियर्स ने सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा से लेकर चिनाब ब्रिज और अटल सेतु जैसे प्रोजेक्ट्स बनाकर दुनिया में भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का डंका बजाया है। यही सोच और जुनून दिल्ली में भी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इंजीनियर्स से आह्वान किया कि वे नई सोच और इनोवेशन को आगे लाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी का अपना इंजीनियरिंग कैडर लाने की दिशा में भी काम कर रही है ताकि नई नियुक्तियां हों और विभाग को नई ऊर्जा मिल सके। आज यदि भारत 5जी, माइक्रोचिप्स, सेमीकंडक्टर्स और इसरो की ऊचाइयों को छू रहा है तो वह हमारे इंजीनियर्स की वजह से ही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इंजीनियरों की समस्याओं का हल करना सरकार की जिम्मेदारी है और दिल्ली को विश्वस्तरीय पहचान दिलाना आपकी जिम्मेदारी है। मिलकर हम विकसित भारत के साथ विकसित दिल्ली का सपना साकार करेंगे।
दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने इंजीनियर्स डे पर ये कार्यक्रम रखा हुआ था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महान अभियंता भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। प्रोग्राम दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में रखा गया था।
इंजीनियर्स डे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि देने के बाद
देशभर के 32 इंजीनियरों को सम्मानित भी किया।

