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WhatsApp कॉल से ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी CBI ऑफिस दिखाकर की गई करोड़ों की ठगी

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी गैंग का पर्दाफाश किया 5 गिरफ्तार, YES बैंक के 2 अधिकारी भी शामिल

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने एक बड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी रैकेट का खुलासा किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें YES बैंक के 2 अधिकारी भी शामिल हैं। आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एकाउंट खुलवाकर साइबर ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने में मदद की।

इस मामले की शुरुआत एक 80 साल बुजुर्ग की शिकायत से हुई। पीड़ित को ठगों ने WhatsApp कॉल के जरिए संपर्क किया और खुद को TRAI, दिल्ली पुलिस और CBI का अधिकारी बताया। उन्होंने डर दिखाया कि पीड़ित का मोबाइल नंबर और आधार कार्ड गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है और उसके खिलाफ कई FIR दर्ज हैं।

ठगों ने बुजुर्ग और उनकी पत्नी को करीब 7 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। दोनों को लगातार WhatsApp वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया और घर से बाहर न निकलने, किसी से बात न करने की हिदायत दी गई। इतना ही नहीं, डर बढ़ाने के लिए एक फर्जी CBI ऑफिस जैसा माहौल बनाया गया और एक व्यक्ति को वकील बनाकर पेश किया गया।

96 लाख की ठगी की गई।

डर और दबाव में आकर पीड़ित ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वा दी, जीवन भर की बचत ट्रांसफर कर दी और यहां तक कि गोल्ड लोन भी ले लिया। ठगों ने कहा कि यह पैसा “जांच” के बाद वापस कर दिया जाएगा। इस तरह पीड़ित से कुल ₹96 लाख की ठगी कर ली गई।

पुलिस की कार्रवाई

4 नवंबर को इस मामले में e-FIR दर्ज की गई। DCP IFSO विनीत कुमार, IPS के नेतृत्व में बनी टीम ने बैंक एकाउंट्स, डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी सबूतों का बारीकी से विश्लेषण किया।
जांच के दौरान सबसे पहले प्रदीप कुमार (हिसार) और फिर नमनदीप मलिक को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद भुवनेश्वर से शशिकांत पटनायक को पकड़ा गया, जो फर्जी GST रजिस्ट्रेशन और पैसों की लेयरिंग का काम संभालता था।

बैंक अधिकारियों की मिलीभगत
जांच में सामने आया कि YES बैंक, तिलक नगर शाखा के 2 अधिकारी— नीलेश कुमार (सीनियर सेल्स मैनेजर), चंदन कुमार (सेल्स ऑफिसर – करंट अकाउंट) ने फर्जी दस्तावेजों पर करंट अकाउंट खुलवाए, जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसे को इधर-उधर करने में किया गया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

(Modus Operandi)
ठग खुद को पुलिस, CBI, कस्टम्स जैसे सरकारी अधिकारियों के रूप में पेश करते थे। पहले धमकाते थे, फिर नरमी दिखाकर कहते थे कि मामला “गलतफहमी” का हो सकता है। इसके बाद पीड़ित को “RBI द्वारा बताए गए खातों” में पैसा ट्रांसफर करने को कहते थे, जिसे वे जांच के बाद लौटाने का झांसा देते थे।

गिरफ्तार आरोपी
प्रदीप कुमार (40) – हिसार, हरियाणा
नमनदीप मलिक (23) – हिसार, हरियाणा
शशिकांत पटनायक (36) – भुवनेश्वर, ओडिशा
नीलेश कुमार (38) – सागरपुर, दिल्ली (YES बैंक)
चंदन कुमार (38) – उत्तम नगर, दिल्ली (YES बैंक)

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