दिल्ली के व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली सरकार ने Delhi Shops and Establishments Act, 1954 में बड़ा बदलाव किया है। दशकों पुरानी प्रथा को खत्म करते हुए दिल्ली सरकार के श्रम मंत्रालय ने Delhi Shops and Establishments Act, 1954 (Section 5) के अंतर्गत होने वाले Registration के नवीनीकरण की ज़रूरत को खत्म कर दिया है।
अभी तक एक्ट में प्रावधान था कि पंजीकरण की तिथि से हर 21 साल बाद उसका नवीनीकरण करना जरूरी था। फैसले से दिल्ली में ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ मजबूत होगा।
दिल्ली सरकार के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा पंजीकरण प्रक्रिया को वन-टाइम रजिस्ट्रेशन मॉडल की ओर ले जाया जाएगा जिससे व्यापारियों को नवीनीकरण की झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।
पूरी तरह ऑनलाइन के प्रक्रिया
यह भी उल्लेखनीय है कि Delhi Shops and Establishments Act, 1954 के अंतर्गत दिल्ली में पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से ही पूरी तरह ऑनलाइन है। इसमें कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करना होता, न कोई शुल्क देना होता है और आवेदक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तुरंत पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। पंजीकरण की यह व्यवस्था वर्ष 2009 से ऑनलाइन प्रभावी है।
अबतक ये हुए हैं बड़े बदलाव
श्रमिकों के न्यूनतम वेतन दरों में बढ़ोतरी के साथ ही दिल्ली में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति मिली। श्रमिकों के लिए सरकार ने आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बिना शुल्क उपचार मिल रहा। महिलाओं की कार्यभागीदारी को बढ़ाने के लिए 500 ‘पालना घर’ बनाए जा रहे हैं। साथ ही गिग वर्कर्स, घरेलू सहायकों, टैक्सी-ऑटो चालकों सहित अलग-अलग श्रमिक वर्गों के लिए विशेष कल्याण बोर्ड के गठन भी बनाया जाएगा।
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