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पूर्व मंत्री का दावा एक और इस्तीफा होने को है, गहलोत के इस्तीफे से आप ने क्या खोया? 2 मंत्रियों ने इस्तीफे के वक्त आप पर साधा निशाना


दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहे राज कुमार आनंद के बाद कैलाश गहलोत दूसरे ऐसे मंत्री रहे जिन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस्तीफे के बाद अब बीजेपी में शामिल हो चुके राज कुमार आनंद ने तो दावा किया कि चुनाव से पहले एक और मंत्री का इस्तीफा होने के है। दूसरी तरफ गहलोत के इस्तीफे से बाहरी दिल्ली और ग्रामीण इलाकों में आम आदमी पार्टी के सामने जाट चेहरे का संकट आ गया है सूत्रों की माने तो पार्टी के अंदर नए चेहरे पर विचार मंत्रणा चलने लगी है क्योंकि दिल्ली विधान सभा चुनाव में 2 महीने से भी कम बचा है। गहलोत 2015 से पश्चिमी दिल्ली में जाट बहुल नजफगढ़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. आप सूत्रों ने बताया कि उनके इस्तीफे का असर बाहरी दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में होना निश्चित है, जहां पर इस समुदाय की अच्छी खासी मौजूदगी है.


इस्तीफे के बाद सबसे ज्यादा इस बात पर जोर है कि मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना किसी भी तरह से प्रभावित ना हो क्योंकि इसके मसौदे से गहलोत जुड़े रहे। यही वजह है कि आतिशी अब खुद इस समले को देख रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा 2024-25 के बजट में घोषित ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ का मसौदा तैयार कर रहा है. मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनाव से पहले इसे लागू करने की योजना पर अब असर पड़ेगा, क्योंकि गहलोत इसका मसौदा तैयार करने से जुड़े थे.

22 जुलाई 1974 नजफगढ़ में जन्म कैलाश गहलोत ने साल 2015 और साल 2020 में नजफगढ़ सीट से विधायक भी बने। पेशे से वकील हैं जिन्होंने 1 दशक से भी ज्य़ादा समय तक दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट वकालत की. साल 2018 में इनकम टैक्स की जांच के दायरे में आए थे. टैक्स चोरी के मामले में उनके ठिकानों की तलाशी ली गई थी

आप पार्टी से इन मंत्रियों ने दिया इस्तीफा और पार्टी पर ये लगाए आरोप

1..कैलाश गहलोत पूर्व ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर
दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने कैलाश गहलोत ने विधायक पद और मंत्री पद दोनों से इस्तीफा दिया तो आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि पिछले चुनाव वादा किया था लेकिन लेकिन यमुना की सफाई नहीं कर पाए।

2.राजेंद्र पाल गौतम पूर्व मंत्री
केजरीवाल सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहे राजेंद्र पाल गौतम करीब दो साल पहले अक्टूबर 2022 में दिल्ली में हुए एक धर्मांतरण कार्यक्रम में राम-कृष्ण को नहीं मानने और हिंदू देवी-देवताओं की कथित तौर पर निंदा करने को लेकर विवादों में घिर गए थे, जिसके चलते उनकी कुर्सी तक छिन गई थी। इस्तीफा देकर गौतम ने कहा कि मुझे फुले, अंबेडकर, पेरियार और कांशीराम की लड़ाई लड़ते हुए 43 साल हो गए हैं। अगर ‘आप’ इसके लिए काम करने को तैयार नहीं है और कांग्रेस इसके लिए काम कर रही है, तो मैं उनके साथ क्यों न जुड़ जाऊं? इसलिए, मैंने उनके साथ जुड़ने का फैसला किया।” सामाजिक न्याय, जाति जनगणना और जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व – यही राहुल गांधी बोल रहे हैं। वे नफरत के बाजार में प्यार की दुकानें खोलने की बात कर रहे हैं। वे संविधान बचाने और जाति जनगणना की बात कर रहे हैं।

3.राज कुमार आनंद पूर्व समाज कल्याण मंत्री
इस्तीफा देते समय आप पर लगाए गंभीर आरोप उन्होंने कहा कि पार्टी भ्रष्टाचार में डूब गई है अब मैं इस पार्टी में नहीं रह सकता। राजकुमार को 3 नवंबर, 2022 को दिल्ली कैबिनेट में शामिल किया गया था। उनके पास समाज कल्याण, एससी और एसटी, गुरुद्वारा चुनाव, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार विभाग थे।

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