ओवरहेड वायरिंग को भूमिगत करना एक पायलट प्रोजेक्ट है। तारों की खुली और अव्यवस्थित व्यवस्था से ना केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है बल्कि नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। शालीमार बाग विधानसभा के बीएच (पूर्व) ब्लॉक में बिजली की ऊपरी तारों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) करने के पहले पायलट प्रोजेक्ट को तीन महीने में पूरा किया जाएगा।
शालीमार बाग के बीएच ब्लॉक जनता फ्लैट्स में रहने वाले लगभग 5500 को फायदा मिलेगा। 8.07 करोड़ रुपये की लागत वाली में 5 किलोमीटर लंबे HT और LT ओवरहेड तारों को हटाकर 10 किलोमीटर भूमिगत LT (440V) और 1.2 किलोमीटर HT (11KV) नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके साथ ही 23 नए डबल सोर्स फीडर पिलर बॉक्स लगाए जाएंगे, जो बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाएंगे। क्षेत्र में नई स्ट्रीट लाइटों के लिए GI ऑक्टागोनल पोल और CCMS स्विच लगाए जाएंगे, जिससे रात में रोशनी की अच्छी मिलेगी। नागरिकों को हर मौसम में निर्बाध 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर” विज़न की भावना के अनुरूप है। चाहे यमुना सफाई अभियान हो, नहरों पर सड़कों का निर्माण हो या आधुनिक नगरीय व्यवस्था — प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और समर्थन से दिल्ली को एक स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ राजधानी के रूप में पुनः गढ़ने का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री, रेखा गुप्ता
सीएम रेखा के विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग़ के विकास के काम:
बीएच (पूर्व ) शालीमार बाग में नई नालियों के निर्माण का कार्य 10 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। सहीपुर गांव में नई सीवर लाइन बिछाई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत भी 10 लाख रुपये है।
सहीपुर क्षेत्र में एक नया चौपाल पर आरोग्य मंदिर प्रस्तावित है। सहीपुर जोड़ में कार्य प्रगति पर है, लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। सहीपुर की गलियों में RMC निर्माण कार्य 25 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन हो चुका है। सहीपुर में IGL नेटवर्क बिछाने का काम किया जा रहा है। सहीपुर पार्क की बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए भी कार्यादेश जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कनीष्का अपार्टमेंट के सी और डी ब्लॉक में 23.48 लाख रुपये की लागत से तैयार की जा रही बाउंड्री वॉल निर्माण परियोजना का भी उद्घाटन किया।

