दिल्ली सरकार के सेवा विभाग द्वारा सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) से अनुभाग अधिकारी (SO) पद पर प्रमोशन के लिए पात्रता सेवा को 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 साल करने से DSS/ASO के सैकड़ों कर्मचारियों का कैरियर प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न केवल उनके प्रमोशन रूक गए बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभों अधर में चले गये।
DSS एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जोगिंदर डबास ने कहा कि DoPT के 31.12.2010 और 20.09.2022 के निर्देशों में मौजूदा पात्रता सेवा के संरक्षण का प्रावधान है। इसके बावजूद भर्ती नियमों में आवश्यक टिप्पणी (Note) नहीं जोड़ी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आशुलिपिक संवर्ग को समान परिस्थितियों में राहत दी गई, तो DSS/ASO संवर्ग को क्यों वंचित रखा गया?
समानता बनाम भेदभाव
कर्मचारियों का तर्क है कि यह किसी विशेष लाभ की मांग नहीं है, बल्कि समानता और न्याय का प्रश्न है। अगर आशुलिपिक संवर्ग को पूर्व पात्रता सेवा का संरक्षण दिया जा सकता है, तो DSS/ASO संवर्ग को इससे वंचित रखना भेदभावपूर्ण है।

2027–2028 में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी सबसे अधिक प्रभावित
कई अधिकारी अगले दो वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पात्रता सेवा बढ़ने से वे पदोन्नति और ₹5,400 ग्रेड पे का लाभ लिए बिना ही सेवानिवृत्त हो सकते हैं। इससे उनके कैरियर और पेंशन लाभों पर स्थायी असर पड़ेगा।
सरकार से सीधे सवाल
- पात्रता सेवा 5 से 6 वर्ष करने का आधार क्या था?
- DoPT निर्देशों के अनुरूप DSS/ASO संवर्ग को संरक्षण क्यों नहीं दिया गया?
- आशुलिपिक संवर्ग को राहत देने के बावजूद DSS/ASO संवर्ग को क्यों वंचित रखा गया?
- DSS/ASO संवर्ग के अभ्यावेदनों पर निर्णय कब होगा?
- प्रभावित कर्मचारियों को राहत देने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी?
कर्मचारियों की मांग
कर्मचारियों ने दिल्ली सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कर 24.05.2022 को फीडर ग्रेड में कार्यरत कर्मचारियों की पूर्व पात्रता सेवा को संरक्षित किया जाए।
अब DSS/ASO संवर्ग की निगाहें सरकार के फैसले पर हैं — क्या उन्हें भी आशुलिपिक संवर्ग जैसा न्याय मिलेगा, या समान परिस्थितियों में अलग-अलग मापदंड जारी रहेंगे?
–ख़बर यहीं तक

